दिल्ली परिवहन विभाग ने घोषणा की है कि 17 सितंबर तक ही पिंक टिकटों के माध्यम से मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके बाद, महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए 'पिंक सहेली' कार्ड का उपयोग करना अनिवार्य होगा।

  • 17 सितंबर तक ही पिंक टिकटों पर मुफ्त यात्रा संभव।
  • 18 सितंबर से 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड अनिवार्य।
  • अब तक लगभग 19 लाख महिलाएं कार्ड के लिए पंजीकृत हो चुकी हैं।
  • गैर-निवासी महिलाओं को अब टिकट के लिए भुगतान करना होगा।

दिल्ली के परिवहन विभाग ने महिला यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, DTC और क्लस्टर बसों में वर्तमान 'पिंक टिकट' प्रणाली 17 सितंबर, 2026 तक ही प्रभावी रहेगी। इस तिथि के बाद, मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को अनिवार्य रूप से 'पिंक सहेली नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' (NCMC) का उपयोग करना होगा।

सरकार के इस निर्णय के बाद, 18 सितंबर से केवल वही महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी जिनके पास सहेली कार्ड होगा। इसके विपरीत, दिल्ली की निवासी न होने वाली महिलाएं (Non-resident women) अब बसों में यात्रा करने के लिए टिकट खरीदने हेतु भुगतान करने के लिए बाध्य होंगी। यह कदम डिजिटल और पेपरलेस यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बदलाव के पीछे का कारण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार की 'पिंक टिकट' योजना की आलोचना करते हुए इसे भ्रष्टाचार से प्रभावित बताया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बसों में लगाए गए 'पैनिक बटन' केवल दिखावे के लिए थे और सुरक्षा के लिहाज से प्रभावी नहीं थे। नई सरकार का लक्ष्य 'पिंक सहेली' कार्ड के माध्यम से एक पारदर्शी और आधुनिक परिवहन प्रणाली स्थापित करना है।

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली की महिलाओं ने इस नए स्मार्ट कार्ड के प्रति जबरदस्त उत्साह दिखाया है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 19 लाख महिलाएं अब तक इस कार्ड के लिए आवेदन या पंजीकरण करा चुकी हैं।

डिजिटल मोबिलिटी कार्ड का कार्यान्वयन दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक व्यवस्थित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया की दिशा में उठाए गए कदमों का भी हिस्सा है। हालांकि, वितरण केंद्रों की संख्या को 73 से घटाकर 38 करना यात्रियों के लिए कुछ असुविधा पैदा कर सकता है, विशेषकर त्योहारों के मौसम में।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और सुलभता के लिए समय-समय पर विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। पिंक टिकट योजना का उद्देश्य महिलाओं को बिना किसी वित्तीय बोझ के शहर में घूमने की आजादी देना था, जिसे अब अधिक तकनीकी और सुरक्षित 'सहेली कार्ड' प्रणाली से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।

Did You Know?: पिंक सहेली कार्ड एक NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) है, जिसका उपयोग मेट्रो और बसों दोनों में किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या 18 सितंबर के बाद पिंक टिकट काम करेंगे?
नहीं, 18 सितंबर से मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड होना अनिवार्य है।

2. क्या गैर-निवासी महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकती हैं?
नहीं, दिल्ली की निवासी न होने वाली महिलाओं को बस यात्रा के लिए टिकट खरीदना होगा।