एनडीए सरकार ने 26 महीनों के भीतर पोलावरम लेफ्ट कैनाल का निर्माण पूरा कर लिया है। अब गोदावरी नदी का पानी उत्तर आंध्र के लाखों एकड़ खेतों और लाखों लोगों की प्यास बुझाने के लिए तैयार है।
- पोलावरम लेफ्ट कैनाल का निर्माण 26 महीनों में पूरा हुआ।
- गोदावरी का पानी अब अनाकापल्ली जिले और उत्तर आंध्र के क्षेत्रों तक पहुंचेगा।
- परियोजना के तहत 4 नदियों को पार करने के लिए एक्वाडक्ट्स और साइफन बनाए गए हैं।
- लाखों एकड़ कृषि भूमि और 5.23 लाख लोगों को पेयजल लाभ मिलेगा।
आंध्र प्रदेश में जल प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, एनडीए सरकार ने पोलावरम लेफ्ट कैनाल (Left Canal) के निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह नहर केवल एक बुनियादी ढांचा नहीं है, बल्कि उत्तर आंध्र क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जल्द ही पुष्करा और पुरुशोत्तमपट्टनम लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के माध्यम से गोदावरी के बाढ़ के पानी को जारी करेंगे।
इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती इसकी भौगोलिक स्थिति थी। नेलाकोटा से 213 किलोमीटर लंबी इस नहर के निर्माण के दौरान इंजीनियरों को पूर्वी घाट (Eastern Ghats) की ऊंची पहाड़ियों को काटना पड़ा। लगभग 79 मीटर तक की पहाड़ियों को काटकर नहर के लिए रास्ता बनाया गया, जो एक कठिन इंजीनियरिंग कार्य था।
इंजीनियरिंग की चुनौतियां और समाधान
नहर के निर्माण के दौरान चार प्रमुख नदियों—एलेरु, पम्पा, तांडव और वरह—को पार करना था। पम्पा नदी पर एक विशेष एक्वाडक्ट बनाया गया है, जहाँ पानी के रिसाव को रोकने के लिए 100 मीटर की गहराई तक 312 जे-शीट पाइल्स लगाए गए हैं। तांडव नदी पर 447 मीटर लंबा एक्वाडक्ट बनाया गया है, जिसकी क्षमता 10,634 क्यूसेक पानी ले जाने की है।
इसके अलावा, एलेरु नदी के लिए एक साइफन का निर्माण किया गया है, जिससे मुख्य नहर नदी के तल के नीचे से गुजरती है, जबकि एलेरु नदी ऊपर से अपनी स्वाभाविक दिशा में बहती रहती है। वरह नदी पर भी कानूनी विवादों को सुलझाते हुए रिकॉर्ड 45 दिनों में निर्माण कार्य पूरा किया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this project is a masterstroke in regional political and economic stabilization. By securing water for the drought-prone North Andhra region, the government is not just boosting agricultural GDP but also reducing the migration of farmers to cities. The integration of the Kolkata-Chennai National Highway through 9 different bridges ensures that infrastructure growth doesn't hinder logistics.
The Polavaram Left Canal is a testament to how political will and engineering precision can overcome complex topographical barriers to ensure water security.
परियोजना का लाभ व्यापक होगा। इसके माध्यम से 1.48 लाख एकड़ क्षेत्र में पानी पहुंचेगा, और एलेरु जलाशय के तहत 80,700 एकड़ तथा पम्पा क्षेत्र के 12,000 एकड़ में सिंचाई स्थिर होगी। साथ ही, तुनी तक के 143 गांवों के 5.23 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पोलावरम लेफ्ट कैनाल की कुल लंबाई कितनी है?
उत्तर: नेलाकोटा से इस नहर की कुल लंबाई 213 किलोमीटर है।
प्रश्न 2: इस परियोजना से कितने लोगों को पेयजल मिलेगा?
उत्तर: लगभग 5.23 लाख लोगों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।