पुणे जिले में विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 28.66 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। प्रशासन ने 30 सितंबर तक सुधार और नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
- पुणे जिले की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 28,66,481 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
- कुल मतदाता संख्या 90.8 लाख से घटकर 62.13 लाख रह गई है।
- दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।
- अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत सोमवार को ड्राफ्ट चुनावी रोल प्रकाशित किया गया। इस प्रक्रिया के बाद एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है, जहां 21 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 28.66 लाख नामों को इस चरण में शामिल नहीं किया जा सका है। जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह सूची जारी की गई।
आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर अभ्यास से पहले पुणे जिले में कुल 90,80,173 मतदाता थे, लेकिन अब ड्राफ्ट रोल में यह संख्या घटकर 62,13,692 रह गई है। इनमें से 31,51,297 पुरुष, 30,62,012 महिलाएं और 383 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। हटाए गए नामों का मुख्य कारण मतदाताओं का अनुपस्थित होना, स्थान परिवर्तन, मृत्यु या डुप्लिकेट प्रविष्टियां होना है।
नाम हटाने का विस्तृत विवरण
प्रशासन ने हटाए गए 28,66,481 नामों को ASD (Absent, Shifted, Dead/Duplicate) श्रेणी में रखा है। इसका विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| श्रेणी | हटाए गए मतदाताओं की संख्या |
|---|---|
| अनुपस्थित (Absent) | 17,83,058 |
| स्थान परिवर्तन (Shifted) | 5,91,038 |
| मृतक (Deceased) | 3,12,048 |
| डुप्लिकेट (Duplicate) | 1,43,975 |
| अन्य (Others) | 36,362 |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में नामों का हटाया जाना चुनावी शुचिता की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन यह लाखों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार के खतरे को भी दर्शाता है। यदि मतदाता समय सीमा के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं कराते हैं, तो वे आगामी चुनावों में वोट देने का अधिकार खो सकते हैं। यह प्रक्रिया डेटाबेस को आधुनिक बनाने और फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए आवश्यक है।
"मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि कोई भी पात्र नागरिक प्रक्रियात्मक खामियों के कारण मताधिकार से वंचित न रहे।"
प्रशासन ने 13,32,418 ऐसे मामलों की पहचान की है जिनके लिए सुनवाई (Hearing) की आवश्यकता है। इसमें वे लोग शामिल हैं जिनके विवरणों में विसंगतियां हैं या जिनका 2002 के चुनावी रोल के साथ कोई लिंक नहीं मिला है। सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) इन मामलों की समीक्षा करेंगे।
मतदाताओं के लिए अब 31 अगस्त से 30 सितंबर तक का समय है। नए नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, आपत्ति दर्ज करने के लिए फॉर्म 7 और सुधार के लिए फॉर्म 8 का उपयोग किया जा सकता है। मतदाता अपना नाम ECI पोर्टल पर जाकर चेक कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि मेरा नाम वोटर लिस्ट से गायब है तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आप 30 सितंबर तक फॉर्म 6 भरकर अपना नाम नए मतदाता के रूप में जुड़वा सकते हैं।
प्रश्न 2: मैं अपना नाम ऑनलाइन कैसे चेक कर सकता हूँ?
उत्तर: आप चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपने EPIC नंबर या विवरण के जरिए खोज सकते हैं।