श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 5,500 से अधिक आवेदनों की जांच के बाद पहले सीईओ के लिए तीन अंतिम उम्मीदवारों का चयन किया है। इस चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए AI तकनीक और मानवीय मूल्यांकन का उपयोग किया गया।
- कुल 5,585 आवेदनों में से सर्च कमेटी ने 3 अंतिम उम्मीदवारों की सिफारिश की।
- रिटायर्ड नौकरशाह इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं।
- चयन प्रक्रिया में AI-आधारित तकनीक और मैनुअल असेसमेंट का उपयोग किया गया।
- ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद पेशेवर सीईओ की नियुक्ति का निर्णय लिया गया।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी कर रहा है। एक उच्च स्तरीय समिति ने 5,585 आवेदनों की गहन जांच के बाद तीन योग्य पेशेवरों के पैनल की सिफारिश की है। हालांकि इन नामों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त नौकरशाह इस दौड़ में सबसे आगे हैं।
चयन प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और कठोर बनाया गया था। समिति ने दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में टीमों के माध्यम से आवेदनों की छंटनी की। इस प्रक्रिया में AI-सक्षम तकनीक का उपयोग किया गया, जिसके बाद 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, एक पेशेवर सीईओ की नियुक्ति केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट गवर्नेंस की ओर एक बड़ा कदम है। यह निर्णय दान के गबन के आरोपों और पूर्व महासचिव चंपत राय सहित कई अधिकारियों के इस्तीफे के बाद आया है। एक अनुभवी नेतृत्व के माध्यम से ट्रस्ट वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता लाना चाहता है और वैश्विक स्तर पर अपनी विश्वसनीयता बहाल करना चाहता है।
सीईओ पद के लिए पात्रता मानदंड काफी सख्त थे। आवेदक की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनके पास कम से कम 20 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव होना अनिवार्य था। साथ ही, शर्त यह थी कि आवेदक एक "अभ्यास करने वाला हिंदू" हो, जिसकी भगवान राम में अटूट श्रद्धा हो और जिसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान हो।
इतने बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के संस्थान के लिए केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि पेशेवर प्रबंधन और जवाबदेही का होना अनिवार्य है।
सर्च कमेटी में जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वी के चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ सुरेश हावरे जैसे दिग्गज शामिल थे। ट्रस्ट की 3 सितंबर की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: राम मंदिर ट्रस्ट अब सीईओ की नियुक्ति क्यों कर रहा है?
ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोपों के बाद, पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है।
प्रश्न 2: सीईओ के लिए मुख्य योग्यताएं क्या थीं?
उम्मीदवार की आयु 50-70 वर्ष, 20 साल का अनुभव, भगवान राम के प्रति श्रद्धा और हिंदी-अंग्रेजी में दक्षता अनिवार्य थी।