अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने राम मंदिर दान चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी द्वारा बनाए गए अवैध घर की सुनवाई 7 सितंबर तक के लिए टाल दी है। संदेह है कि यह घर चोरी किए गए दान के पैसों से बनाया गया है।
- सुप्रिया मिश्रा के अवैध निर्माण पर सुनवाई 7 सितंबर तक स्थगित।
- आरोपी लवकुश मिश्रा मंदिर के दान की गिनती में शामिल आउटसोर्स कर्मचारी था।
- संदेह है कि 1,000 वर्ग फुट का प्लॉट चोरी के पैसों से खरीदा गया।
- स्थानीय नेताओं ने ADA पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने राम मंदिर दान गबन मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर सुनवाई को 7 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। यह मामला बानीपुर-सोहवल में एक दो मंजिला मकान के अवैध निर्माण से जुड़ा है।
प्राधिकरण ने पाया कि सुप्रिया मिश्रा ने बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (Building Plan) के घर का निर्माण कराया है। यह संपत्ति जांच के दायरे में तब आई जब मंदिर के दान की हेराफेरी की जांच शुरू हुई। ADA ने पहले 3 जुलाई को नोटिस जारी किया था और जवाब न मिलने पर 14 जुलाई को अंतिम नोटिस घर की दीवार पर चिपकाया गया था।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि आस्था के साथ विश्वासघात का है। लवकुश मिश्रा की मासिक आय केवल 15,000 रुपये थी, लेकिन उसने अपनी पत्नी के नाम पर एक महंगी संपत्ति खरीदी। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कैसे गबन किए गए धन को संपत्तियों में बदलकर सुरक्षित करने की कोशिश की गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार, लवकुश मिश्रा ने पिछले साल 16 अक्टूबर को बानीपुर में 1,000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा था। SIT की जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तारी से पहले ही इस धन का निवेश कर दिया गया था।
अपराधी अक्सर अपनी संपत्ति को परिवार के सदस्यों के नाम पर स्थानांतरित करते हैं ताकि कानूनी जब्ती से बचा जा सके।
इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अयोध्या के वरिष्ठ भाजपा नेता रजनीश सिंह ने ADA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ADA आम जनता के घरों और दुकानों पर तो बुलडोजर चलाता है, लेकिन जब बात राम मंदिर के आरोपी की आती है, तो वह "हिचकिचाने" लगता है।
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| आरोपी का मासिक वेतन | 15,000 रुपये |
| संपत्ति का आकार | 1,000 वर्ग फुट |
| कुल गिरफ्तारियां | 8 लोग |
| अगली सुनवाई तिथि | 7 सितंबर |
ADA सचिव राजेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मामला अभी ट्रायल स्टेज पर है और विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का इंतजार है। उन्होंने बताया कि सुप्रिया मिश्रा ने अब नक्शे के अनुमोदन के लिए आवेदन किया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: घर की जांच क्यों की जा रही है?
क्योंकि संदेह है कि इस घर का निर्माण राम मंदिर के दान से चुराए गए पैसों से किया गया है और इसके पास ADA की अनुमति नहीं है।
प्रश्न 2: लवकुश मिश्रा कौन है?
वह मंदिर में दान की गिनती करने वाला एक आउटसोर्स कर्मचारी था, जिसे गबन के आरोप में जेल भेजा गया है।