मंगलुरु के व्यस्त मंगलदेवी रोड पर यातायात की समस्या को हल करने के लिए दक्षिणी रेलवे पांडेश्वर लेवल क्रॉसिंग पर डबल बूम बैरियर स्थापित करेगा। यह कदम चार-लेन ट्रैफिक की सुविधा प्रदान करेगा और यात्रियों की परेशानी को कम करेगा।

  • पांडेश्वर लेवल क्रॉसिंग पर ₹2 करोड़ की लागत से डबल बूम बैरियर लगाए जाएंगे।
  • परियोजना का लक्ष्य मंगलदेवी रोड पर ट्रैफिक जाम को कम करना और चार-लेन आवाजाही सुनिश्चित करना है।
  • टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और काम पूरा होने में लगभग छह महीने लगेंगे।

मंगलुरु के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक, पांडेश्वर लेवल क्रॉसिंग गेट पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए दक्षिणी रेलवे के पलक्कड़ डिवीजन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे ओवर-ब्रिज (RoB) के निर्माण में हो रही देरी के बीच, एक अंतरिम समाधान के रूप में यहाँ डबल बूम-बैरियर गेट स्थापित किए जाएंगे। इससे चार-लेन वाहनों की आवाजाही संभव हो सकेगी, जिससे मंगलदेवी रोड पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी।

मंगलुरु सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) के कमिश्नर राहुल रत्नम पांडे ने हाल ही में रेलवे अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। रेलवे इंजीनियरों ने सूचित किया कि डबल बूम-बैरियर, आवश्यक सिविल कार्य और सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यों के लिए टेंडर खोले जा चुके हैं। अगले पखवाड़े में टेंडरों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद लगभग 2 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कार्य शुरू होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the Pandeshwar gate has become a critical bottleneck due to the frequent stabling of trains at the Bunder Yard. By widening the crossing to accommodate four lanes, the Railway is addressing a systemic failure in urban planning where rail infrastructure hindered road mobility. This temporary fix is essential to prevent economic productivity loss caused by daily commuter delays.

MCC कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर (विकास) नरेश पी. शेनोय ने स्पष्ट किया कि जैसे ही रेलवे चौड़ीकरण का कार्य पूरा करेगा, नगर निगम गेट के दोनों ओर लगभग 200 मीटर सड़क को चार लेन में विस्तारित करेगा। यह समन्वित प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि केवल गेट ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी सड़कें भी ट्रैफिक लोड संभालने में सक्षम हों।

"The integration of road widening with railway barrier upgrades is the only way to ensure a seamless flow of traffic in high-density urban corridors."

भविष्य की योजनाओं की बात करें तो, प्रस्तावित रेलवे ओवर-ब्रिज (RoB) को लेकर अभी भी चर्चा जारी है। जहाँ रेलवे दो-लेन ब्रिज के लिए तैयार था, वहीं नगर निगम ने भारी ट्रैफिक को देखते हुए चार-लेन ब्रिज की मांग की है। इसके लिए विस्तृत डिजाइन और ड्राइंग की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें कुछ समय लगने की संभावना है।

इस पूरी पहल के पीछे सांसद कैप्टन बृजेश चौटा और मंगलुरु सिटी साउथ विधायक डी. वेदव्यास कामथ का महत्वपूर्ण हस्तक्षेप रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन के समक्ष सड़क उपयोगकर्ताओं की गंभीर कठिनाइयों को रखा, जिसके परिणामस्वरूप इस त्वरित समाधान को मंजूरी मिली।

क्या आप जानते हैं?: लेवल क्रॉसिंग पर 'डबल बूम बैरियर' का उपयोग तब किया जाता है जब सड़क की चौड़ाई अधिक हो, ताकि वाहनों को सड़क के बीच में रुकने के बजाय अलग-अलग लेन में व्यवस्थित रूप से रोका जा सके।

प्रस्तावित समाधान: तुलना

विशेषताडबल बूम बैरियर (तत्काल)रेलवे ओवर-ब्रिज (दीर्घकालिक)
लागत₹2 करोड़ (अनुमानित)उच्च निवेश
समय सीमा6 महीनेकई वर्ष
ट्रैफिक प्रभावजाम में कमीजाम का पूर्ण समाधान
लेन क्षमता4 लेन4 लेन (प्रस्तावित)

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: डबल बूम बैरियर से ट्रैफिक को क्या फायदा होगा?
उत्तर: इससे गेट खुलने पर चार-लेन ट्रैफिक एक साथ निकल सकेगा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी।

प्रश्न 2: ओवर-ब्रिज के निर्माण में देरी क्यों हो रही है?
उत्तर: रेलवे और नगर निगम के बीच ब्रिज की लेन क्षमता (2-लेन बनाम 4-लेन) को लेकर सहमति बनाने और डिजाइन फाइनल करने में समय लग रहा है।