सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज 13 FIR को रद्द करने और 2,873 नए व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
- दिल्ली पुलिस ने अनुच्छेद 142 के तहत 13 FIR को रद्द करने की मांग की है।
- 2,873 अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच के लिए नए मामले दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है।
- बिहार, असम, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल ने भी इसी तरह की याचिकाएं दायर की हैं।
- 5 सितंबर को दिल्ली में एक बड़े विरोध मार्च की योजना है।
भारत के सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (1 सितंबर, 2026) को एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आने वाला है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 की विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए उन 13 FIR को रद्द करे, जो NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई थीं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मौखिक उल्लेख करते हुए इस मामले को दोपहर 2 बजे सूचीबद्ध करने का आग्रह किया। पुलिस का तर्क है कि मौजूदा FIR के बजाय 2,873 ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ एक नया और व्यापक मामला दर्ज किया जाना चाहिए जो हिंसा के दौरान मौजूद थे, ताकि उनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा सके।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राज्य की शक्ति और छात्रों के विरोध के अधिकार के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। अनुच्छेद 142 का उपयोग करना यह संकेत देता है कि पुलिस मौजूदा कानूनी उलझनों से बाहर निकलकर एक नई रणनीति अपनाना चाहती है, जो संभवतः अधिक लक्षित जांच की ओर इशारा करती है।
"अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां व्यापक हैं, लेकिन उनका उपयोग न्याय सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है, न कि केवल पुलिसिया कार्रवाई को सुविधाजनक बनाने के लिए।"
इस कानूनी खींचतान के बीच, माहौल और तनावपूर्ण हो गया है क्योंकि 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिल्ली में एक विशाल विरोध मार्च प्रस्तावित है। यह मार्च उन छात्रों के परिवारों के नेतृत्व में होगा जिन्होंने परीक्षा रद्दीकरण और पुलिसिया बर्बरता के बाद आत्महत्या की थी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। यह समिति छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचारों और NEET-UG पेपर लीक से जुड़े अन्य मुद्दों की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. दिल्ली पुलिस ने FIR रद्द करने की मांग क्यों की?
पुलिस चाहती है कि मौजूदा 13 FIR को हटाकर 2,873 लोगों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया जाए ताकि हिंसा में शामिल लोगों की सटीक पहचान और जांच हो सके।
2. 5 सितंबर को क्या होने वाला है?
NEET विवाद और पुलिस excesses के खिलाफ छात्रों और उनके परिवारों द्वारा दिल्ली में एक विरोध मार्च निकाला जाएगा।