तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने घोषणा की है कि सरकार लंबे समय से लंबित ऑटो रिक्शा किराए में संशोधन की मांग पर जल्द ही निर्णय लेगी। इसके साथ ही ऑटो श्रमिकों के कल्याण के लिए एक नया बोर्ड भी बनाया जाएगा।
- ऑटो रिक्शा किराए में 2012 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिस पर अब समीक्षा की जाएगी।
- हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल ऑटो को बदलने के लिए ₹1.5 लाख की सहायता दी जाएगी।
- ऑटो रिक्शा श्रमिकों के लिए एक समर्पित कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा।
- महालक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को अब तक ₹12,167 करोड़ की बचत हुई है।
हैदराबाद: तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मंगलवार को बस भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ऑटो रिक्शा चालकों की उस मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है जो लंबे समय से लंबित है। गौरतलब है कि ऑटो रिक्शा के किराए में साल 2012 के बाद से कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे चालकों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार न केवल किराए में वृद्धि पर विचार कर रही है, बल्कि ऑटो श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए एक कल्याण बोर्ड (Welfare Board) भी जल्द ही स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को आधुनिक तकनीक (retrofitment) में बदलने के लिए सरकार ₹1.5 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय तेलंगाना की शहरी अर्थव्यवस्था और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। किराए में वृद्धि से न केवल चालक की आय बढ़ेगी, बल्कि यह महंगाई के मौजूदा दौर में एक आवश्यक कदम है। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों और ऑटो के प्रति सरकार का झुकाव भविष्य के टिकाऊ परिवहन ढांचे को मजबूत करेगा।
किराया संशोधन और कल्याण बोर्ड का गठन ऑटो क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
परिवहन विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए, मंत्री ने TGSRTC के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 'महालक्ष्मी योजना' के माध्यम से अब तक 347.36 करोड़ महिलाओं ने बसों में मुफ्त यात्रा की है, जिससे उन्हें लगभग ₹12,167 करोड़ की बचत हुई है। राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थिति में भी सुधार हुआ है, जिसकी ऑक्यूपेंसी 67% से बढ़कर 89% हो गई है।
परिवहन बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत, निगम ने 2,932 नई बसें शामिल की हैं, जिनमें 1,024 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सरकार भविष्य में 2,200 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को भी सड़क पर उतारने की योजना बना रही है। इसके अलावा, बाइक टैक्सियों को भी एक नियामक ढांचे के तहत लाने के लिए 'पीली नंबर प्लेट' के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions
1. ऑटो रिक्शा किराए में बदलाव कब तक अपेक्षित है?
सरकार वर्तमान में समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेने की संभावना है।
2. क्या पुराने ऑटो बदलने के लिए सब्सिडी मिलेगी?
हाँ, हैदराबाद में पेट्रोल/डीजल ऑटो को रेट्रोफिट करने के लिए ₹1.5 लाख की सहायता का प्रावधान है।