पोलावरम परियोजना स्थल पर बाघ के देखे जाने के बाद मजदूरों और इंजीनियरों में भारी दहशत है। वन अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है क्योंकि शिकारी अब आदिवासी बस्तियों और निर्माण क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।

  • पोलावरम परियोजना के ट्विन टनल और पी. रेगुलेटर के पास बाघ की आवाजाही दर्ज।
  • वन विभाग ने श्रमिकों और आदिवासी निवासियों को अकेले या रात में बाहर न निकलने की चेतावनी दी।
  • बाघ ने पहले ही एक गाय और बछड़े को मार डाला है, जिससे प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है।

आंध्र प्रदेश में विशाल पोलावरम परियोजना स्थल एक उच्च तनाव क्षेत्र बन गया है, क्योंकि वहां एक बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। पिछले 48 घंटों में, इस शिकारी को देवरगोंडी गांव और पी. रेगुलेटर क्षेत्र के पास देखा गया है, जिससे वहां काम करने वाले हजारों श्रमिकों में दहशत फैल गई है।

वन विभाग के ट्रैकर्स ने मुट्टपकोटा और इतुकलाकोटा की पहाड़ियों में जानवर की आवाजाही की पहचान की है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बाघ ने आदिवासी बस्तियों में प्रवेश करना शुरू कर दिया। यहां काम करने वाले अधिकांश मजदूर ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों से आए प्रवासी श्रमिक हैं, जो अब अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास और वन्यजीव गलियारों का टकराव अक्सर ऐसी खतरनाक मुठभेड़ों को जन्म देता है। पोलावरम परियोजना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकता है, लेकिन हजारों मजदूरों की सुरक्षा अब दांव पर है। यह घटना औद्योगिक विस्तार और पापिकोंडा नेशनल पार्क पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के बीच नाजुक संतुलन को उजागर करती है।

गहरे वन गलियारों में औद्योगिक गतिविधियों का हस्तक्षेप अनिवार्य रूप से वन्यजीवों को मानव बस्तियों की ओर धकेलता है, जिससे मानव-पशु संघर्ष बढ़ता है।

यह खतरा केवल काल्पनिक नहीं है। बाघ ने पहले ही पास की वनस्पतियों में एक गाय और एक बछड़े को मार डाला है, और पशु चिकित्सा दल वर्तमान में एक अन्य घायल बछड़े का इलाज कर रहे हैं। यह शिकारी व्यवहार दर्शाता है कि बाघ परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के भीतर सक्रिय रूप से शिकार कर रहा है।

वन अधिकारियों ने एक सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया है कि जब बाघ घने जंगलों में चला जाता है, तो ट्रैकिंग सिग्नल अक्सर गायब हो जाते हैं। विशेष चिकित्सा और बचाव दल वर्तमान में जंगलों में कैंप कर रहे हैं, जिन्हें बाघ को पकड़ने और सुरक्षित आवास में स्थानांतरित करने के लिए जालों से लैस किया गया है।

क्या आप जानते हैं?: पापिकोंडा नेशनल पार्क एक महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट है, जो पूर्वी घाट के बीच बाघों और तेंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारे के रूप में कार्य करता है।

प्रश्न 1: पोलावरम परियोजना के कौन से विशिष्ट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं?
ट्विन टनल, पी. रेगुलेटर और मुट्टपकोटा और इतुकलाकोटा के आदिवासी गांव वर्तमान में हाई अलर्ट पर हैं।

प्रश्न 2: श्रमिकों के लिए क्या सावधानियां बताई गई हैं?
श्रमिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अकेले न घूमें और रात के समय अपने क्वार्टरों से बाहर न निकलें।