तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट खोलकर कावेरी नदी का पानी जारी किया है। इस कदम से तंजावुर सहित 12 जिलों के लाखों किसानों को सिंचाई और पेयजल के लिए बड़ी राहत मिलेगी।
- मुख्यमंत्री विजय ने मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट खोलकर कावेरी जल जारी किया।
- तंजौर सहित कुल 12 डेल्टा जिलों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
- कम मानसून के कारण पानी छोड़ने में देरी हुई; वर्तमान जल स्तर 91.56 फीट है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने मंगलवार को मेट्टूर स्थित स्टेनली जलाशय के स्लुइस गेट खोलकर कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई के लिए पानी जारी किया। सत्ता संभालने के बाद यह ऐतिहासिक बांध से पानी छोड़ने का उनका पहला अवसर था। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर गेट खोले और बहते पानी पर फूल और अनाज बरसाकर परंपरा का निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री विजय ने इस अवसर पर किसानों के साथ बातचीत की और हरे रंग का शॉल ओढ़ा, जो कृषि और किसानों के प्रति उनकी एकजुटता का प्रतीक है। इससे पहले, वह चेन्नई से विशेष विमान द्वारा सलेम पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से मेट्टूर गए। रास्ते में उनके समर्थकों और TVK कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया, जहां सड़कों पर बैनर और झंडों की भरमार रही।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कावेरी जल का समय पर वितरण न केवल तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक स्थिरता का भी संकेत है। तंजावुर, जिसे 'तमिलनाडु का चावल का कटोरा' कहा जाता है, पूरी तरह से इस जल आपूर्ति पर निर्भर है। पानी की समय पर उपलब्धता फसल की पैदावार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करती है।
"कावेरी जल प्रबंधन केवल सिंचाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह दक्षिण भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है।"
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कावेरी बेसिन में अपर्याप्त वर्षा के कारण जल संचयन कम रहा, जिससे गेट खोलने में देरी हुई। आमतौर पर 12 जून को गेट खोले जाते हैं, लेकिन इस वर्ष प्रतिकूल मौसम ने इस प्रक्रिया को विलंबित कर दिया।
सरकार ने घोषणा की है कि 1 सितंबर से अगले 45 दिनों तक, भंडारण स्तर और आवक के आधार पर पानी जारी रखा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पानी अंतिम छोर (tail-end) तक पहुंचे ताकि 'प्रति बूंद अधिक फसल' (More Crop Per Drop) के सिद्धांत को साकार किया जा सके।
| विवरण | वर्तमान स्थिति (1 सितंबर) | पूर्ण क्षमता (Full Reservoir Level) |
|---|---|---|
| जल स्तर (Water Level) | 91.56 फीट | 120 फीट |
| गेट खोलने की तिथि | 1 सितंबर 2026 | 12 जून (पारंपरिक तिथि) |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने में देरी क्यों हुई?
उत्तर: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कावेरी बेसिन में कम वर्षा होने के कारण जल स्तर कम था, जिससे पानी छोड़ने की प्रक्रिया में देरी हुई।
प्रश्न 2: इस जल वितरण से कितने जिलों को लाभ होगा?
उत्तर: इससे तंजावुर सहित तमिलनाडु के कुल 12 डेल्टा जिलों के किसानों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलेगी।