मंड्या जिले में राज्य सरकार की पांच गारंटी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुनिश्चित करने के लिए 2,538 नए समिति सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।

  • मंड्या जिले में कुल 423 नई गारंटी समितियों का गठन किया जाएगा।
  • प्रत्येक समिति में 6 सदस्य होंगे, जिनमें एससी/एसटी, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य है।
  • इन समितियों का मुख्य कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना और समस्याओं का समाधान करना है।

कर्नाटक सरकार की महत्वाकांक्षी पांच गारंटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मंड्या जिले में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जा रहा है। राज्य गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और एमएलसी दिनेश गूलीगौड़ा ने घोषणा की है कि जिले में जल्द ही 2,538 नए गारंटी समिति सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।

यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के पात्र परिवारों तक पहुंचे। वर्तमान में जिले में जिला और तालुका स्तर पर समितियां मौजूद हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के लिए इन नई समितियों की आवश्यकता महसूस की गई है।

समिति संरचना और प्रतिनिधित्व

सरकार ने प्रत्येक वार्ड या पंचायत के लिए छह सदस्यों वाली समिति बनाने का निर्देश दिया है। मंड्या जिले के भीतर कुल 423 समितियों का गठन होगा, जिसमें दो नगर निगम (CMCs), छह नगर पालिकाएं (TMCs), एक टाउन पंचायत और 229 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

इन समितियों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इनका समावेशी स्वरूप है। प्रत्येक समिति में निम्नलिखित श्रेणियों का प्रतिनिधित्व होगा:

  • एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) प्रतिनिधि
  • एक अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधि
  • एक पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधि
  • एक सामान्य श्रेणी का प्रतिनिधि
  • दो महिला सदस्य

यदि अल्पसंख्यक प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं होता है, तो सामान्य श्रेणी से सदस्य नियुक्त किया जा सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की विकेंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है और 'अंतिम मील तक वितरण' (Last-mile delivery) सुनिश्चित होती है। स्थानीय स्तर पर इन समितियों की उपस्थिति से लाभार्थियों को अपनी समस्याओं के लिए बड़े अधिकारियों के पास भटकना नहीं पड़ेगा।

स्थानीय स्तर पर सशक्त समितियों का गठन शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का एक क्रांतिकारी तरीका है।

इन नई नियुक्तियों के बाद, मंड्या जिले में कुल समिति सदस्यों की संख्या 119 से बढ़कर 2,657 हो जाएगी। इन सदस्यों को जिले के प्रभारी मंत्री एन. चेलुवरयस्वामी के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द ही सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इन समितियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इनका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर गारंटी योजनाओं की निगरानी करना और लाभार्थियों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुँचाना है।

प्रश्न 2: क्या इन समितियों में महिलाओं के लिए आरक्षण है?
उत्तर: हाँ, प्रत्येक समिति में दो महिला सदस्यों का होना अनिवार्य है।

Did You Know?: मंड्या जिले में कुल 423 अलग-अलग स्थानीय निकायों में इन समितियों का विस्तार किया जाएगा।