वेल्लोर में नए हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रशासन चार गांवों से 300 एकड़ से अधिक कृषि भूमि अधिग्रहित करने की योजना बना रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।

  • वेल्लोर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 300 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
  • पोइगाई, अब्दुल्लापुरम, अनपूंडी और पुदुर गांवों को चिन्हित किया गया है।
  • अधिग्रहित भूमि को मुआवजे के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंप दिया जाएगा।

तमिलनाडु के वेल्लोर में नए हवाई अड्डे के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 48) पर स्थित नए हवाई अड्डे के विस्तार के लिए चार आसपास के कृषि गांवों से 300 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित करने की योजना बनाई है। राजस्व अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए गांवों का मानचित्रण (mapping) करना शुरू कर दिया है।

चिन्हित गांव और अधिग्रहण की प्रक्रिया

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स ने विस्तार के लिए कम से कम 300 एकड़ भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के तहत पोइगाई, अब्दुल्लापुरम, अनपूंडी और पुदुर गांवों को चिन्हित किया गया है। अधिकारी इन गांवों में सरकारी भूमि, निजी पट्टा भूमि और सरकारी बंजर भूमि की पहचान करने के लिए भूमि अभिलेखों और सर्वेक्षण नंबरों की जांच कर रहे हैं।

सर्वेक्षण और मानचित्रण के बाद, राजस्व अधिकारी निजी भूमि के लिए आवश्यक मुआवजे का आकलन करेंगे। नियमों के अनुसार, सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए भूमि का अधिग्रहण केवल राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिसे बाद में मुआवजे के भुगतान के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विस्तार न केवल वेल्लोर की हवाई क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करेगा। UDAN योजना के तहत विकसित यह हवाई अड्डा दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।

हवाई अड्डे का विस्तार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और स्थानीय व्यापार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

यह कदम राज्यसभा सांसद एल.के. सुधीश और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू के बीच हुई चर्चाओं के बाद उठाया गया है। मंत्री नायडू ने विस्तार के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त 100 एकड़ भूमि की मांग की थी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वेल्लोर हवाई अड्डे को कुछ साल पहले UDAN-RCS (उड़े देश का आम नागरिक - क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना) के दूसरे चरण के तहत मंजूरी दी गई थी। शुरुआत में, यह केवल 8-सीटर विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त था, लेकिन इसे 20-सीटर विमानों के लिए विस्तारित किया गया ताकि बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों से संपर्क साधा जा सके।

Did You Know?: वेल्लोर हवाई अड्डा UDAN योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों को बड़े हवाई अड्डों से जोड़ना है।

Frequently Asked Questions

1. किन गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है?
मुख्य रूप से पोइगाई, अब्दुल्लापुरम, अनपूंडी और पुदुर गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

2. भूमि का स्वामित्व किसके पास होगा?
अधिग्रहण के बाद, भूमि का स्वामित्व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंप दिया जाएगा।