सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में IPS अधिकारियों की भारी प्रतिनियुक्ति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान ने टिप्पणी की कि CAPF के कैडर अधिकारी 'पूरी तरह से दबाए गए' महसूस कर रहे हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट ने CAPFs में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम करने के निर्देश का पालन न करने पर सरकार से सवाल किया।
  • न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान ने कहा कि CAPF के अनुभवी अधिकारियों के पास नेतृत्व के लिए पर्याप्त क्षमता है।
  • सरकार ने बताया कि वह कैडर समीक्षा और वैधानिक परिवर्तनों के माध्यम से निर्देशों को लागू करने की प्रक्रिया में है।
  • CAPFs (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 को अदालत में चुनौती दी गई है।

नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के मुद्दे पर केंद्र सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से मई 2025 के उस ऐतिहासिक फैसले के कार्यान्वयन पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें IPS अधिकारियों की उच्च पदों पर प्रतिनियुक्ति को चरणबद्ध तरीके से कम करने का निर्देश दिया गया था।

सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान ने एक गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि CAPF के अपने कैडर अधिकारियों को 'पूरी तरह से दबाया गया' (stifled) महसूस हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार का मानना है कि CAPF में जिम्मेदार पदों को संभालने के लिए सक्षम अधिकारी नहीं हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि ये वे अधिकारी हैं जिन्होंने 25 वर्षों से अधिक समय तक सीमाओं की रक्षा की है और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सुरक्षा बलों के भीतर मनोबल और नेतृत्व संरचना से जुड़ा है। यदि CAPF के स्थानीय अधिकारियों को पदोन्नति और नेतृत्व के अवसरों से वंचित किया जाता है, तो यह दीर्घकालिक रूप से बल की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।

"CAPF के कैडर अधिकारियों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए, न कि केवल प्रतिनियुक्ति के आधार पर पदों को भरने से उनकी क्षमता का अपमान होता है।"

गृह मंत्रालय ने अदालत में एक हलफनामा दायर कर सूचित किया कि अदालत के पिछले आदेशों के बाद 46 IPS अधिकारियों को SAG स्तर तक प्रतिनियुक्ति पर लाया गया है। मंत्रालय ने दावा किया कि वह सभी CAPFs में कैडर समीक्षा शुरू कर चुका है और नियमों में बदलाव के लिए प्रक्रिया जारी है।

IPS प्रतिनियुक्ति का वर्तमान वितरण

बल (Force)IPS अधिकारियों की संख्या
सीमा सुरक्षा बल (BSF)13
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)11
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)09
सशस्त्र सीमा बल (SSB)07
आईटीबीपी (ITBP)06

ऐतिहासिक रूप से, CAPF में नेतृत्व के पदों के लिए एक निश्चित संरचना रही है, लेकिन हाल के वर्षों में IPS अधिकारियों के बढ़ते प्रभाव ने विवाद पैदा किया है। विवाद तब और गहरा गया जब सरकार ने CAPFs (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 लागू किया, जो IPS अधिकारियों के लिए उच्च पदों (जैसे महानिदेशक और विशेष महानिदेशक) में आरक्षण सुनिश्चित करता है। इस अधिनियम को पांच रिट याचिकाओं के माध्यम से अदालत में चुनौती दी गई है।

मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित है, जिसमें सरकार को कैडर समीक्षा प्रस्तावों की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।

Did You Know?: CAPF के अधिकारी 'संगठित सेवा' (Organised Service) के अंतर्गत आते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास एक निश्चित पदानुक्रम और पदोन्नति मार्ग होता है।

Frequently Asked Questions

1. सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया था?
कोर्ट ने आदेश दिया था कि CAPFs में उच्च पदों पर IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को दो साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से कम किया जाना चाहिए।

2. सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सरकार ने कहा है कि वह कैडर समीक्षा और वैधानिक परिवर्तनों के माध्यम से इस दिशा में कदम उठा रही है।