मंगलुरु-अथराडी राज्य राजमार्ग 67 पर करंबर के पास एक पुराने पुल का हिस्सा ढहने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
- करंबर के पास SH-67 पर स्थित पुराने पुल का एक हिस्सा ढह गया है।
- बाजेपे से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
- PWD ने पहले भी पुनर्निर्माण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी।
- प्रशासन ने पोर्कौडी-जोकाटे और जरीनगर मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
मंगलुरु और बाजेपे के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग, मंगलुरु-अथराडी राज्य राजमार्ग 67 (SH-67), बुधवार को एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। मंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (MIA) और बाजेपे के बीच स्थित करंबर में एक पुराने छोटे पुल के मेहराब (arch) का एक हिस्सा ढहने के कारण पुल अस्थिर हो गया है, जिससे इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
घटना के बाद यातायात की स्थिति का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि शहर और हवाई अड्डे के बीच सीधा संपर्क अभी भी बना हुआ है, क्योंकि क्षतिग्रस्त पुल हवाई अड्डे के आगे स्थित है। हालांकि, बाजेपे से हवाई अड्डे या मंगलुरु शहर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी बाधा बन गया है। यात्रियों को अब अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए वैकल्पिक और लंबे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की बुनियादी ढांचागत विफलता न केवल यात्रियों को असुविधा पहुँचाती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की गति को भी धीमा कर देती है। इस पुल के टूटने से प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कातेल जाने वाले श्रद्धालुओं के मार्ग में भी बाधा उत्पन्न हुई है।
पुराने पुलों के रखरखाव में देरी अक्सर ऐसी संरचनात्मक विफलताओं का कारण बनती है जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों ने इस स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए बताया कि विभाग ने कई साल पहले ही इस पुल के पुनर्निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे थे। दुर्भाग्यवश, उन प्रस्तावों को तत्कालीन सरकार द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी। अब, संरचना को हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए, विभाग एक आपातकालीन प्रस्ताव फिर से भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि इसे प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जा सके।
प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन ने सलाह दी है कि शहर पहुँचने के लिए पोर्कौडी-जोकाटे मार्ग और हवाई अड्डे तक पहुँचने के लिए जरीनगर मार्ग का उपयोग करें। इंजीनियरों का कहना है कि पुल की अस्थायी मरम्मत के बाद, नए पुल के निर्माण तक केवल हल्के वाहनों को ही इस मार्ग पर चलने की अनुमति दी जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या मंगलुरु हवाई अड्डे का संपर्क पूरी तरह कट गया है?
नहीं, हवाई अड्डे और शहर के बीच का मार्ग सुरक्षित है, लेकिन बाजेपे से आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा।
2. वैकल्पिक मार्ग कौन से हैं?
प्रशासन ने शहर के लिए पोर्कौडी-जोकाटे और हवाई अड्डे के लिए जरीनगर मार्ग का सुझाव दिया है।