हल्का लड़ाकू विमान तेजस Mk1A के उत्पादन को गति देने के लिए GE Aerospace ने HAL को तीन और F404-IN20 इंजन भेजे हैं। इससे इंजन की कमी से जूझ रहे लड़ाकू विमान कार्यक्रम को बड़ी राहत मिली है।
- GE Aerospace ने HAL को तीन अतिरिक्त F404-IN20 इंजन सफलतापूर्वक शिप किए हैं।
- Mk1A कार्यक्रम के लिए अब तक कुल 10 इंजन HAL को प्राप्त हो चुके हैं।
- HAL का लक्ष्य दिसंबर तक कुल 22 इंजन प्राप्त करना है ताकि उत्पादन तेज किया जा सके।
- 99 इंजनों का कुल अनुबंध भारतीय वायुसेना के लिए तेजस Mk1A की जरूरतों को पूरा करेगा।
भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति में, अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज GE Aerospace ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA Tejas Mk1A) कार्यक्रम के लिए तीन और F404-IN20 इंजन भेजे हैं। अगस्त 2026 में किए गए इस शिपमेंट के साथ, Mk1A कार्यक्रम के लिए अब तक कुल 10 इंजन HAL को मिल चुके हैं।
यह नई खेप ऐसे समय में आई है जब तेजस के उत्पादन में इंजन की आपूर्ति में देरी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। इससे पहले जुलाई में सातवां इंजन भेजा गया था, जबकि छठे इंजन में कुछ तकनीकी खामियां देखी गई थीं जिन्हें GE ने सफलतापूर्वक ठीक कर दिया है। HAL अब उत्पादन की गति बढ़ाने और भारतीय वायुसेना (IAF) को विमानों की डिलीवरी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इंजन की आपूर्ति में निरंतरता ही भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता को निर्धारित करेगी। इंजन की कमी के कारण पिछले कुछ समय से कार्यक्रम की समयसीमा में देरी हुई है, लेकिन हालिया आपूर्ति इस गतिरोध को तोड़ने में मदद करेगी।
इंजन की आपूर्ति में सुधार न केवल तेजस के उत्पादन चक्र को तेज करेगा, बल्कि भारत की रणनीतिक हवाई शक्ति को भी मजबूती प्रदान करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने फरवरी 2021 में HAL के साथ 48,000 करोड़ रुपये का एक बड़ा अनुबंध किया था, जिसके तहत 83 तेजस Mk1A विमान (73 लड़ाकू और 10 ट्रेनर) की आपूर्ति की जानी है। हालांकि, उत्पादन योजना में देरी हुई है, लेकिन HAL ने दिसंबर तक 22 इंजन प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तेजस कार्यक्रम भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर है। LCA तेजस का विकास DRDO द्वारा किया गया था, जिसे बाद में HAL द्वारा निर्मित किया जाता है। Mk1A संस्करण पिछले संस्करणों की तुलना में अधिक उन्नत है, जिसमें बेहतर रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताएं शामिल हैं।
Frequently Asked Questions
1. तेजस Mk1A के लिए कुल कितने इंजन ऑर्डर किए गए हैं?
GE Aerospace के साथ हुए अनुबंध के तहत कुल 99 F404-IN20 इंजन की आपूर्ति की जानी है।
2. इंजन की कमी से क्या प्रभाव पड़ा?
इंजन की सीमित आपूर्ति के कारण तेजस Mk1A के उत्पादन और भारतीय वायुसेना को विमानों की डिलीवरी में देरी हुई है।