तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने चेन्नई में आयोजित IMECE कांग्रेस में कहा कि समाज की बेहतरी के लिए प्राचीन ज्ञान और समकालीन तकनीक का मेल अनिवार्य है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के विजन को प्राप्त करने के लिए इंजीनियरिंग समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया।

  • राज्यपाल ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग के एकीकरण का आह्वान किया।
  • महाभारत के 'उद्योग पर्व' को प्रबंधन और इंजीनियरिंग का प्राचीन स्रोत बताया।
  • 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए 'आत्मनिर्भर भारत' की आवश्यकता पर जोर।
  • चेन्नई को विनिर्माण और अनुसंधान के केंद्र के रूप में सराहा गया।

चेन्नई ट्रेड सेंटर में आयोजित इंटरनेशनल मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस एंड एक्सपोजिशन (IMECE) को संबोधित करते हुए, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने तर्क दिया कि मानवता की प्रगति के लिए हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के बीच एक सेतु बनाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने विशेष रूप से भारतीय महाकाव्य महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे केवल एक मिथक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "महाभारत हमारे लिए हमारे इतिहास का हिस्सा है।" उन्होंने उल्लेख किया कि महाभारत का 'उद्योग पर्व' लगभग 5,000 साल पहले ही प्रबंधन और इंजीनियरिंग के महत्वपूर्ण सबक प्रदान करता था, जो आज के आधुनिक युग में भी प्रासंगिक हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत वर्तमान में एक ऐसे मोड़ पर है जहाँ वह अपनी सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। पारंपरिक ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़ने से न केवल नवाचार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह समाधानों को अधिक टिकाऊ और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य भी बनाता है।

प्राचीन भारतीय ग्रंथों में निहित प्रबंधन और इंजीनियरिंग के सूत्र आधुनिक तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजने में सहायक हो सकते हैं।

राज्यपाल ने 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक और इंजीनियर को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर काम करना होगा।

इस अवसर पर ASME (अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स) के कार्यकारी निदेशक और सीईओ थॉमस कोस्टाबीले ने भारत की बढ़ती शक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विनिर्माण, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा प्रणालियों में भारत की तीव्र प्रगति न केवल देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

IMECE इंडिया के अध्यक्ष के. शनमुगा सुंदरम ने कहा कि भारत को अब केवल इंजीनियरों की ही नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, जलवायु लचीलापन और बुनियादी ढांचे के लिए 'इंजीनियरिंग समाधानों' की आवश्यकता है। उन्होंने चेन्नई को उद्योग और ज्ञान के मिलन स्थल के रूप में विशेष स्थान दिया।

Did You Know?: महाभारत का उद्योग पर्व न केवल कूटनीति बल्कि संसाधनों के प्रबंधन और रसद (logistics) के बारे में भी गहन जानकारी प्रदान करता है।

Frequently Asked Questions

1. IMECE क्या है?
यह इंटरनेशनल मैकेनिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस एंड एक्सपोजिशन है, जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वैश्विक नवाचारों पर चर्चा करने के लिए एक प्रमुख मंच है।

2. राज्यपाल ने आत्मनिर्भर भारत के बारे में क्या कहा?
राज्यपाल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आत्मनिर्भरता ही एकमात्र मार्ग है।