नेपाल में बाढ़ के कारण मौतों की संख्या 1,295 तक पहुँच गई है। त्रिशुली 3ए जलविद्युत परियोजना के दो श्रमिकों को नौ दिन बाद बचाया गया, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं।

  • बाढ़ से मौतें 1,295, कई जिले प्रभावित
  • त्रिशुली 3ए टनल में दो श्रमिक नौ दिन बाद जीवित निकाले गए
  • 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता, 600 बच्चों की स्थिति अनिश्चित

नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल‑तिब्बत सीमा के पास बर्फ‑पत्थर के हिमस्खलन से उत्पन्न तेज़ बाढ़ ने उत्तर और मध्य भाग के कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस आपदा में अब तक 1,295 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जबकि 13,093 लोग बचाए जा चुके हैं।

नेपाली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, चितवन, नवालपरासी (पूर्व व पश्चिम), नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनहू जैसे आठ जिलों में कुल 1,293 शव बरामद किए गए हैं। काठमांडू के दो अस्पतालों में दो और बाढ़ पीड़ितों की मृत्यु से मृतकों की संख्या 1,295 तक पहुंच गई।

त्रिशुली 3ए जलविद्युत परियोजना के टनल में फँसे दो श्रमिक—कबीर महारजन (45) और संजय साह (30)—को नौ दिन बाद बचाया गया। महारजन को काठमांडू के नेपाल आर्मी अस्पताल में ले जाया गया जहाँ उनकी स्थिति गंभीर है, जबकि साह को नुवाकोट के त्रिशुली अस्पताल में भर्ती किया गया। साह ने बताया कि वह टनल में फंसे समय में लगातार “हरे कृष्णा” मंत्र का जप कर रहा था।

भारत ने राहत सामग्री के साथ दो अतिरिक्त C‑130J विमान भेजे हैं, जिनमें 21.5 टन फॉरेंसिक किट, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इसे “रासुवा बाढ़ राहत में भारत का निरंतर समर्थन” कहा।

रासुवा और नुवाकोट जिलों में लगभग 600 बच्चे अभी भी लापता हैं। स्थानीय शिक्षा विकास इकाइयों के आंकड़ों के अनुसार, रासुवा में 280 और नुवाकोट में 300‑350 बच्चे अनिश्चित हैं। कई स्कूलों ने बताया कि संचार टूटने के कारण सटीक आँकड़े जुटाना मुश्किल हो रहा है।

सरकार ने बाढ़ से प्रभावित व्यवसायों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें ऋण पुनर्संरचना, कम ब्याज दरें और कर रियायतें शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने भी प्रभावित 22 स्कूलों में से 12 को पूरी तरह से ध्वस्त घोषित किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the scale of Nepal’s flash flood disaster underscores the urgent need for regional climate resilience cooperation, especially between Nepal and its neighboring countries that share trans‑border river basins.

“Such extreme weather events are becoming the new normal; proactive infrastructure planning is essential to save lives.”
Did You Know?: The Trishuli River, where the tunnel is located, is a major tributary of the Gandaki River, which eventually flows into the Indian Ganges.

Frequently Asked Questions

Q1: How many people are still missing after the floods?

A: Authorities estimate around 5,000 individuals remain unaccounted for.

Q2: What assistance is being provided to the affected families?

A: Relief flights, medical aid, food supplies, and a government‑backed financial relief package are being deployed.