एयर इंडिया के फ़्लाइट AI2379 ने 36,000 फीट पर अचानक ऊँचाई घटा ली, जिसे हाइड्रॉलिक सिस्टम की विफलता और पायलट के नॉन-नेगेटिव ड्रग टेस्ट से जोड़ते हुए, एएआईबी की प्रारंभिक जांच ने कई सवाल उठाए।
- सभी तीन हाइड्रॉलिक सिस्टमों में 36,000 फीट पर दबाव की हानि हुई।
- पायलट ने नॉन-नेगेटिव ड्रग टेस्ट दिया, पर घटना से सीधा संबंध नहीं पाया गया।
- एएआईबी ने आगे की तकनीकी जाँच और डीजीसीए द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की।
एयर इंडिया के फ़्लाइट AI2379, जो 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली की ओर जा रहा था, ने 36,000 फीट की ऊँचाई पर अचानक दबाव में गिरावट के साथ तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टमों का अस्थायी विफलता अनुभव की। इस दौरान ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया और विमान ने ऊँचाई में 372 फीट ऊपर उठकर फिर 292 फीट नीचे गिरने का अनुभव किया।
इंस्पेक्शन के दौरान पाया गया कि 04:02:43 UTC पर हरी प्रणाली में दबाव की कमी हुई, चार सेकंड बाद नीली और पीली प्रणालियों में भी यही समस्या आई। 04:02:52 UTC पर सभी प्रणालियाँ फिर से बहाल हुईं, जिससे विमान ने सामान्य उड़ान जारी रखी।
कुल 24 लोगों में से 20 यात्रियों और चार क्रू सदस्यों को चोट लगी, जिनमें से चार गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद पायलट और सह-पायलट पर श्वास परीक्षण और सायकोएक्टिव पदार्थ परीक्षण किए गए। सह-पायलट नकारात्मक रहा, जबकि पायलट इन कमांड ने “नॉन-नेगेटिव” परिणाम दिया।
एएआईबी ने बताया कि यह नॉन-नेगेटिव परिणाम पायलट की फिटनेस पर सवाल उठाता है, पर अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई कि ड्रग टेस्ट का हाइड्रॉलिक विफलता से कोई सीधा संबंध है। डीजीसीए से अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such dual anomalies—technical failure coupled with a potential psychoactive substance issue—highlight systemic gaps in pre-flight checks and crew monitoring. The incident underscores the critical need for stringent compliance with the Minimum Equipment List and regular psychological fitness assessments for pilots.
"किसी भी हाइड्रॉलिक गड़बड़ी को तुरंत पहचानना और पायलट की मानसिक स्थिति का आकलन करना उड़ान सुरक्षा के लिए अनिवार्य है," कहते हैं एरोनॉटिकल इंजीनियर डॉ. राजेश कुमार।
Frequently Asked Questions
1. क्या पायलट के नॉन-नेगेटिव ड्रग टेस्ट से दुर्घटना का कारण साबित हुआ? वर्तमान रिपोर्ट में ड्रग टेस्ट और हाइड्रॉलिक विफलता के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।
2. क्या एयर इंडिया ने इस घटना के बाद अपनी सुरक्षा नीतियों में बदलाव किया है? एयर इंडिया ने इस घटना के बाद फुकेट से उड़ानों के लिए अतिरिक्त जांच और पायलट फिटनेस प्रोटोकॉल को मजबूत करने का वादा किया है।