एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के संबंध में AAIB की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि विमान के मुख्य पायलट (PIC) का ड्रग टेस्ट 'नॉन-नेगेटिव' आया था, जिससे विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट आई और यात्री घायल हो गए।

  • एअर इंडिया की फ्लाइट AI 2379 के पायलट (PIC) का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया है।
  • विमान अचानक 292 फीट नीचे गिरा, जिससे यात्री और क्रू घायल हुए।
  • AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने के बाद विमान अनियंत्रित हुआ था।
  • को-पायलट का टेस्ट पूरी तरह नेगेटिव पाया गया है।

एअर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI 2379 को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, विमान के पायलट इन कमांड (PIC) के साइको-एक्टिव सब्सटेंस टेस्ट के परिणाम 'नॉन-नेगेटिव' आए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि उड़ान के दौरान पायलट किसी प्रकार के नशीले पदार्थ के प्रभाव में था।

तकनीकी विफलता और विमान का गिरना

रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान विमान के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में गंभीर तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर, विमान के ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिसके कुछ ही सेकंड बाद ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम भी विफल हो गए। इसके परिणामस्वरूप ऑटोपायलट डिसएंगेज हो गया और विमान में स्टॉल वार्निंग बजने लगी।

इस संकट के दौरान, विमान की ऊंचाई में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। विमान पहले अपनी निर्धारित ऊंचाई से 372 फीट ऊपर गया और फिर अचानक 292 फीट नीचे गिर गया। इस झटके के कारण विमान में सवार यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें आईं।

BozokMedia विश्लेषण: सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक तकनीकी विफलता नहीं है, बल्कि विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल में एक बड़ी चूक की ओर इशारा करती है। यदि मुख्य पायलट नशे की स्थिति में था, तो यह सवाल उठता है कि प्री-फ्लाइट चेक और मेडिकल स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं में इतनी बड़ी खामी कैसे रह गई।

विमानन सुरक्षा में मानवीय चूक और नशीले पदार्थों का प्रभाव सबसे घातक होता है, जो सैकड़ों जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है।

घटना के समय को-पायलट (फर्स्ट ऑफिसर) विमान को संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जब PIC ने नियंत्रण अपने हाथ में लिया, तब विमान की ऊंचाई में खतरनाक बदलाव हुआ। हालांकि, अंततः क्रू ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड कराया।

ऐतिहासिक संदर्भ: विमानन सुरक्षा और ड्रग टेस्टिंग

भारत में विमानन सुरक्षा को लेकर हाल के वर्षों में कड़े नियम बनाए गए हैं। DGCA अब पायलटों के लिए नियमित डोप टेस्ट की तैयारी कर रहा है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। एअर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइन के लिए यह घटना ब्रांड की विश्वसनीयता पर एक बड़ा आघात है।

Frequently Asked Questions

1. क्या को-पायलट भी नशे में था?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार को-पायलट का टेस्ट दोनों बार नेगेटिव आया है।

2. विमान में कितने यात्री घायल हुए?
विमान के अचानक नीचे गिरने के कारण कुछ यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें आईं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं।

Did You Know?: विमानन उद्योग में 'नॉन-नेगेटिव' शब्द का उपयोग तब किया जाता है जब किसी परीक्षण में नशीले पदार्थों के संकेत मिलते हैं, जो तुरंत कार्रवाई का आधार बनता है।