दिल्ली में दोपहर की भारी बारिश के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनलों और पहुंच मार्गों पर जलभराव हो गया, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

  • दिल्ली के पालम क्षेत्र में सर्वाधिक 72.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • एयरपोर्ट के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनलों के पास जलभराव की स्थिति बनी।
  • यात्रियों को टर्मिनल गेट और अंडरपास के माध्यम से पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
  • एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित करने का दावा किया है।

दिल्ली में शुक्रवार को हुई दोपहर की मूसलाधार बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इस भारी बारिश के कारण न केवल शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई, बल्कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनलों पर भी जलभराव की गंभीर समस्या देखी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया कि यात्री टर्मिनल गेट और टर्मिनल 3 के अंडरपास के पास जमा पानी के बीच से गुजरने को मजबूर थे। जलभराव की स्थिति इतनी अधिक थी कि यात्रियों को अपने सामान के साथ पानी के बीच से रास्ता बनाना पड़ा। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को संभाला और कुछ ही समय में पानी निकासी की प्रक्रिया शुरू कर दी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि दिल्ली जैसे महानगर में मानसून के दौरान बुनियादी ढांचे की विफलता यात्रियों की सुरक्षा और समय की बर्बादी के लिए एक बड़ा खतरा बनी हुई है। हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र पर जलभराव न केवल यात्रियों को असुविधा पहुँचाता है, बल्कि यह परिचालन संबंधी देरी और सुरक्षा चिंताओं को भी जन्म देता है।

भारी बारिश के दौरान हवाई अड्डों के ड्रेनेज सिस्टम का सुदृढ़ होना यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। विशेष रूप से पालम मौसम स्टेशन पर सुबह 8:30 से शाम 5:30 के बीच 72.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो शहर में सबसे अधिक थी। वहीं सफदरजंग वेधशाला में तीन घंटों के भीतर 32.6 मिमी वर्षा हुई।

जलभराव का प्रभाव केवल हवाई अड्डे तक ही सीमित नहीं था; महिपलपुर, अकबर रोड, सुब्रतो पार्क और कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान जलभराव एक आवर्ती समस्या रही है। शहरीकरण और ड्रेनेज नेटवर्क के पुराने होने के कारण, भारी बारिश के दौरान हवाई अड्डे के आसपास के निचले इलाके अक्सर डूब जाते हैं, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Did You Know?: दिल्ली के पालम क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश की मात्रा शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी अधिक रही, जो स्थानीय सूक्ष्म-जलवायु (micro-climate) प्रभावों को दर्शाती है।

Frequently Asked Questions

1. क्या दिल्ली एयरपोर्ट की उड़ानों पर असर पड़ा?
हालांकि जलभराव से यात्रियों को टर्मिनल तक पहुँचने में परेशानी हुई, लेकिन प्रशासन के अनुसार पानी जल्दी निकल गया और परिचालन सामान्य करने की कोशिश की गई।

2. दिल्ली में सबसे ज्यादा बारिश कहाँ हुई?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पालम क्षेत्र में सबसे अधिक 72.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।