50 वर्षीय ग्यान सिंह, हिमाचल प्रान्त के मंडी जिले से, नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में बाढ़ के दौरान एक सुरंग में फंस कर जीवित बच गए। उनकी साहसिक बचाव कहानी और अभी भी लापता 98 कर्मचारियों की स्थिति पर रिपोर्ट।

  • ग्यान सिंह को नेपाल की बाढ़ के दौरान एक सुरंग में फंसने के बाद हेलिकॉप्टर से बचाया गया।
  • लगभग 100 लोग उसी क्षेत्र में फँसे थे, जिनमें से केवल एक ही अभी भी खोज में है।
  • कुल 98 परियोजना कर्मचारियों में से पाँच हिमाचली थे, जिनमें से चार सुरक्षित लौटे।

बाढ़ की भयानक घटना और ग्यान सिंह की बचाव यात्रा

नेपाल के पूर्वी भाग में हाल ही में हुई बाढ़ और भूस्खलन ने सैकड़ों लोगों की जान ली और हजारों को खो दिया। इस आपदा में, हिमाचल प्रान्त के मंडी जिले के सुदर्नगर उपजिले के 50 वर्षीय निवासी ग्यान सिंह एक पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के रूप में कार्यरत थे।

बाढ़ के दौरान, सिंह और अन्य श्रमिकों को अचानक बढ़ते पानी से पर्वत की ओर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक रात और दो दिन तक, वे मृत्यु के ख़तरे का सामना करते हुए आशा बनाए रखे। अंततः नेपाल सेना के हेलिकॉप्टर ने उन्हें बचाया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

परियोजना पर प्रभाव और लापता श्रमिक

सिंह ने बताया कि उस क्षेत्र में लगभग 100 लोग फँसे हुए थे, जिनमें से केवल एक अभी भी खोज में है। कुल 98 कर्मचारियों में से पाँच हिमाचली थे; तीन सुरक्षित लौटे, एक अना जिले का श्रमिक अभी भी लापता है। अन्य हिमाचली जीवित बचने वाले, जैसे तालीहद और रामपुर के निवासी, दिल्ली में रह रहे हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना न केवल व्यक्तिगत जीवित रहने की कहानी है, बल्कि नेपाल और भारत के बीच श्रम और सुरक्षा मानदंडों की समीक्षा का भी संकेत देती है। यह दिखाती है कि सीमापार परियोजनाओं में आपदा प्रबंधन की तात्कालिकता कितनी महत्वपूर्ण है।

“आपदाओं के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए बेहतर जोखिम मूल्यांकन और आपातकालीन योजनाएँ अनिवार्य हैं,” कहते हैं पंजीकृत आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. रश्मि पाटिल।
क्या आप जानते हैं? नेपाल की बाढ़ ने 2022 के बाद से सबसे अधिक भू-स्थानिक क्षति की है, जिसमें 1,200 से अधिक घर नष्ट हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • किस प्रकार की सुरंग में ग्यान सिंह फँसे थे?
  • नेपाल सेना ने बचाव मिशन में कौन से उपकरण इस्तेमाल किए?