कर्नाटक सरकार ने दवांगरे के कोंडाज्जी में एक पेशेवर रंगय्याना थिएटर कॉम्प्लेक्स और थिएटर संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की है। मंत्री के.एस. बसवंथप्पा ने इस परियोजना की नींव रखी, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को पुनर्जीवित करना है।
- कोंडाज्जी में ₹10 करोड़ की लागत से 10 एकड़ में थिएटर कॉम्प्लेक्स बनेगा।
- परियोजना में ऑडिटोरियम, संग्रहालय और ओपन-एयर स्टेज शामिल होंगे।
- पारंपरिक थिएटर को बचाने के लिए सरकार विशेष सहायता प्रदान करेगी।
- कोंडाज्जी बसप्पा की प्रतिमा और संग्रहालय की स्थापना भी की जाएगी।
कर्नाटक के मुज़राई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन मंत्री के.एस. बसवंथप्पा ने शुक्रवार को दवांगरे जिले के कोंडाज्जी में एक ऐतिहासिक परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने स्थानीय सांसद प्रभा मल्लिकार्जुन के साथ मिलकर एक पेशेवर थिएटर रंगय्याना कॉम्प्लेक्स और थिएटर संग्रहालय के लिए भूमि पूजा की और आधारशिला रखी।
मंत्री बसवंथप्पा ने इस बात पर जोर दिया कि दवांगरे जिले ने हमेशा से ही कला और रंगमंच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ऑर्केस्ट्रा और डीजे संस्कृति की बढ़ती लोकप्रियता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक थिएटर धीरे-धीरे लुप्त हो रहा है। इस सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए सरकार थिएटर केंद्रों को प्रोत्साहित करेगी।
परियोजना का विवरण और बजट
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 10 एकड़ के क्षेत्र में एक भव्य परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें कलाकारों के लिए एक संग्रहालय, एक आधुनिक ऑडिटोरियम, थिएटर और एक ओपन-एयर स्टेज शामिल होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹10 करोड़ है, जिसमें से ₹3 करोड़ स्वीकृत किए जा चुके हैं और ₹1 करोड़ जारी कर दिए गए हैं। शेष राशि चरणों में जारी की जाएगी।
पारंपरिक कलाओं का संरक्षण केवल संस्कृति का संरक्षण नहीं, बल्कि हमारी जड़ों को जीवित रखने का प्रयास है।
सांस्कृतिक और सामाजिक विकास
मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि दवांगरे ने डॉ. राजकुमार, मास्टर हिरण्यैया और चिंदोडी लीला जैसे महान कलाकारों को मंच प्रदान किया है। इसके अलावा, स्काउट्स एंड गाइड्स आंदोलन के अग्रदूत कोंडाज्जी बसप्पा के सम्मान में कोंडाज्जी सर्कल पर उनकी प्रतिमा लगाने और उनके जीवन पर आधारित एक संग्रहालय बनाने का भी वादा किया गया है।
सांसद प्रभा मल्लिकार्जुन ने इस अवसर पर कहा कि असंगठित क्षेत्र के थिएटर कलाकारों और उनके परिवारों के लिए वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए स्कूलों में थिएटर कैंप और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना न केवल सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए आर्थिक अवसर भी पैदा करेगी। पारंपरिक कलाओं को आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ना डिजिटल युग में सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक कदम है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कोंडाज्जी थिएटर कॉम्प्लेक्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक थिएटर कलाओं को पुनर्जीवित करना और कलाकारों को एक समर्पित मंच और संग्रहालय प्रदान करना है।
प्रश्न 2: इस परियोजना के लिए कुल कितना बजट आवंटित किया गया है?
उत्तर: इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹10 करोड़ है।