भारत में प्रसव देखभाल अब पहले से अधिक संस्थागत और लाभ‑उन्मुख हो गई है, जिससे अनावश्यक सी‑सेक्शन, गैर‑जरूरी जांच और धनी वर्ग के लिए लक्ज़री मातृत्व सेवाएँ बढ़ी हैं। यह प्रवृत्ति अस्पताल संसाधनों को दबा रही है और माताओं के वित्तीय बोझ को बढ़ा रही है।
- अनावश्यक सी‑सेक्शन की माँग में तेज़ी
- प्रसव देखभाल की लागत में लगातार वृद्धि
- हॉस्पिटल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव
दिल्ली के एक निजी अस्पताल के आउट‑पेशेंट विभाग में आठ महीने की गर्भवती एक महिला अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से सी‑सेक्शन करवाने की तीव्र इच्छा व्यक्त कर रही थी, जबकि कोई चिकित्सीय आपात स्थिति नहीं थी। वह चाहती थी कि उसका बच्चा अपने दिवंगत पिता के जन्मदिन के साथ जन्म ले।
वर्तमान में भारत में गर्भावस्था देखभाल का ढांचा पहले से अधिक संस्थागत और मौद्रिक हो गया है। निजी क्लीनिकों और बड़े अस्पतालों में महँगे पैकेज, अनावश्यक अल्ट्रासाउंड और हाई‑टेक लैब टेस्ट आम हो गए हैं, जो अक्सर रोगी की वास्तविक जरूरत से अधिक होते हैं।
धनी वर्ग और अत्यधिक चिंतित माताओं के लिए लक्ज़री मातृत्व सेवाएँ उभरी हैं—जिनमें निजी वार्ड, व्यक्तिगत नर्सिंग स्टाफ और विदेशी विशेषज्ञों की ऑन‑डिमांड उपलब्धता शामिल है। ये सेवाएँ कुल प्रसव लागत को कई गुना बढ़ा देती हैं, जिससे मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
ऐसे माहौल में, कई डॉक्टर आर्थिक दबाव या निजी क्लिनिक के प्रलोभन के कारण अनावश्यक सी‑सेक्शन करवाते हैं, जिससे मातृ‑शिशु स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है और अस्पताल की बिस्तर क्षमता पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पिछले दो दशकों में भारत में प्रसव दर में धीरे‑धीरे गिरावट आई है, जबकि निजी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेज़ी से हुआ। 2000 के दशक में औसत प्रसव लागत लगभग ₹30,000 थी, जो 2026 में बड़े शहरों में ₹150,000‑₹200,000 तक पहुँच गई है। इस वृद्धि ने कई मध्यम वर्गीय परिवारों को ऋण लेने के लिए मजबूर किया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the monetisation of childbirth not only strains public health budgets but also widens the inequality gap, pushing vulnerable families toward unsafe delivery practices.
“जब तक मातृत्व को एक व्यावसायिक उत्पाद नहीं माना जाएगा, अनावश्यक मेडिकल इंटरवेंशन की समस्या बनी रहेगी,” कहती हैं प्रोफेसर अंजली सिंह, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी सी‑सेक्शन को मेडिकल आवश्यकता माना जाता है?
उत्तर: नहीं, कई मामलों में यह माँ की इच्छा या आर्थिक लाभ के कारण किया जाता है।
प्रश्न 2: सरकार इन अनावश्यक प्रक्रियाओं को कैसे नियंत्रित कर सकती है?
उत्तर: सख्त नियम, पारदर्शी बिलिंग और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है।