पिछले पांच दशकों में, हैदराबाद के पुलिस बल ने शहर के तेजी से विकास के साथ तालमेल बिठाने के लिए एक बड़ा ढांचागत और तकनीकी बदलाव किया है। सांप्रदायिक दंगों से निपटने से लेकर अत्याधुनिक साइबर और नारकोटिक्स ब्यूरो स्थापित करने तक, यह विभाग अब एक बेहद आधुनिक चार-कमिश्नरेट प्रणाली में बदल चुका है।
- हैदराबाद पुलिस पिछले 50 वर्षों में एक एकल कमिश्नरेट से विकसित होकर एक उन्नत चार-कमिश्नरेट प्रणाली में बदल गई है।
- उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए ग्रेहाउंड्स और ऑक्टोपस जैसी विशिष्ट खुफिया और कमांडो इकाइयों का गठन किया गया था।
- महिला सुरक्षा के लिए विशेष 'शी टीम्स' (SHE Teams) और अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
पिछले पचास वर्षों में हैदराबाद में पुलिसिंग का विकास गहरा ढांचागत, तकनीकी और सांस्कृतिक बदलाव की कहानी है। यह बदलाव सख्त सुरक्षा प्रवर्तन और प्रगतिशील, नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग के बीच संतुलन बनाने का बेहतरीन उदाहरण है। पचास साल पहले, हैदराबाद एक छोटा और सघन शहर था, जिसकी कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल एक पुलिस कमिश्नरेट पर थी। समय के साथ बढ़ती चुनौतियों ने इस बल को पूरी तरह से बदलने पर मजबूर कर दिया।
1970 और 1980 के दशक के उत्तरार्ध में हैदराबाद ने सांप्रदायिक हिंसा और लंबे समय तक कर्फ्यू का सामना किया, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ। इसके जवाब में, अतिरिक्त कानून-व्यवस्था क्षेत्र और पुलिस स्टेशन बनाए गए, जिसमें जनशक्ति बढ़ाई गई और कमांड संरचना को और मजबूत किया गया। इसके बाद, 1980 के दशक के अंत, 1990 और 2000 के दशक में वामपंथी उग्रवाद (LWE) की चुनौती सामने आई, जिससे निपटने के लिए विशेष खुफिया शाखा (SIB) और विशिष्ट कमांडो बल, ग्रेहाउंड्स (Greyhounds) का गठन किया गया।
2000 के दशक में हुए आतंकी हमलों के बाद बल को और अधिक विशिष्ट और खुफिया-संचालित बनाया गया। इसके लिए काउंटर-इंटेलिजेंस सेल और कमांडो यूनिट ऑक्टोपस (OCTOPUS) का गठन किया गया। हर चुनौती ने पुलिस बल को अधिक बड़ा, विशिष्ट और आधुनिक बनाया। 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में वैश्विक आईटी बूम ने हैदराबाद की आकांक्षाओं को नया आकार दिया। जैसे ही यह शहर उच्च तकनीक कंपनियों और वैश्विक निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा, सार्वजनिक सुरक्षा इसके आर्थिक विकास के केंद्र में आ गई। इसी कड़ी में साइबराबाद कमिश्नरेट (Cyberabad Commissionerate) का गठन किया गया, जिसने तेजी से फैलते महानगरीय क्षेत्र के लिए बहु-कमिश्नरेट मॉडल की शुरुआत की।
Then vs Now: हैदराबाद पुलिसिंग का तुलनात्मक ढांचा
| विशेषता | 50 साल पहले | वर्तमान समय |
|---|---|---|
| ढांचागत प्रणाली | एकल कमिश्नरेट (Single Commissionerate) | चार कमिश्नरेट (हैदराबाद, साइबराबाद, मल्काजगिरी, फ्यूचर सिटी) |
| विशेष इकाइयां | बुनियादी कानून-व्यवस्था बल | ग्रेहाउंड्स, ऑक्टोपस, टीजीसीएसबी (साइबर), टीजीएनएबी (नारकोटिक्स) |
| सुरक्षा तकनीक | मैनुअल गश्त और पारंपरिक वायरलेस संचार | एकीकृत कमांड सेंटर (ICCC), एआई-सक्षम सीसीटीवी, ई-चालान |
साल 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राचाकोंडा कमिश्नरेट (Rachakonda Commissionerate) की स्थापना की गई थी। हाल ही में, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के विस्तार और पुनर्गठन के बाद, इस तीन-कमिश्नरेट व्यवस्था को बदलकर चार अलग-अलग कमिश्नरेटों में विभाजित कर दिया गया है—हैदराबाद, साइबराबाद, मल्काजगिरी और फ्यूचर सिटी।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि आधुनिक पुलिसिंग अब केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी वैश्विक शहर के आर्थिक विकास और विदेशी निवेश को आकर्षित करने का सबसे बड़ा आधार है। हैदराबाद का यह मॉडल साबित करता है कि सुरक्षित बुनियादी ढांचा ही वैश्विक व्यापार को फलने-फूलने का माहौल देता है।
"आधुनिक पुलिसिंग को एक बढ़ते हुए मेगासिटी को सुरक्षित रखने के लिए उच्च तकनीक वाले खुफिया तंत्र और सहानुभूतिपूर्ण, समुदाय-प्रथम जमीनी कार्रवाई का सहज मिश्रण होना चाहिए।" - एम. महेंद्र रेड्डी, तेलंगाना के पूर्व डीजीपी
आज के समय में पुलिस स्टेशनों को स्वच्छ, आधुनिक और नागरिक-अनुकूल स्थानों के रूप में पुनर्गठित किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय विंग बनाई गई है, जिसे शी टीम्स (SHE Teams) और भरोसा केंद्रों का समर्थन प्राप्त है। तकनीकी स्तर पर, तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) और तेलंगाना नारकोटिक्स ब्यूरो (TGNAB) जैसी विशेष शाखाएं आज की आधुनिक चुनौतियों से निपट रही हैं। एक बहु-एजेंसी एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया है, जो आपातकालीन स्थितियों के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए सभी सार्वजनिक सुरक्षा एजेंसियों को एक मंच पर लाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: हैदराबाद पुलिस व्यवस्था में वर्तमान में कौन से चार कमिश्नरेट शामिल हैं?
उत्तर: हैदराबाद महानगरीय क्षेत्र में अब चार प्रमुख कमिश्नरेट शामिल हैं: हैदराबाद, साइबराबाद, मल्काजगिरी और फ्यूचर सिटी।
प्रश्न 2: 'ग्रेहाउंड्स' और 'ऑक्टोपस' इकाइयों का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: 'ग्रेहाउंड्स' मुख्य रूप से वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) विरोधी अभियानों के लिए एक विशिष्ट कमांडो बल है, जबकि 'ऑक्टोपस' आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए गठित एक विशेष इकाई है।