उडुपी जिला पंचायत सीईओ प्रतीक बायल ने बैंकों को कृषि, डेयरी और उच्च शिक्षा के लिए ऋण सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचाव और पीएम विद्या लक्ष्मी योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

  • बैंकों को कृषि और डेयरी किसानों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण देना चाहिए।
  • पीएम विद्या लक्ष्मी योजना के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए।
  • साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए आरबीआई के 1600 नंबर वाले निर्देशों का पालन करें।
  • उडुपी जिले में वार्षिक ऋण योजना का लक्ष्य 18,532.26 करोड़ रुपये है।

उडुपी, कर्नाटक: उडुपी जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रतीक बायल ने हाल ही में आयोजित जिला बैंकर्स समिति की बैठक में बैंकिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को जिले के किसानों और डेयरी व्यवसायियों को आवश्यक ऋण सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

कृषि और डेयरी पर विशेष ध्यान

बैठक में श्री बायल ने जोर देकर कहा कि बैंक कर्मियों को किसानों, आम जनता और विशेष रूप से महिला लाभार्थियों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन तभी संभव है जब ग्रामीण आबादी को बैंकिंग सेवाओं तक सहज पहुंच मिले। उन्होंने कृषि और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने का आह्वान किया।

छात्रों के लिए शिक्षा ऋण और जागरूकता

शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सीईओ ने बैंक अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के बारे में जागरूकता फैलाना है, जो छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आसान ऋण प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को वित्तीय बाधाओं के कारण अपनी पढ़ाई नहीं छोड़नी चाहिए।

बैंकों को न केवल ऋण देना चाहिए, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए एक सेतु के रूप में कार्य करना चाहिए।

साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव

डिजिटल युग में बढ़ते खतरों को देखते हुए, आरबीआई के निर्देशों का हवाला देते हुए श्री बायल ने कहा कि लेनदेन के लिए केवल 1600 सीरीज वाले फोन नंबरों का ही उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक कर्मचारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसके साथ शालीनता से व्यवहार किया जाए और उसे आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।

वित्तीय आंकड़े और विश्लेषण

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, उडुपी जिले में जून के अंत तक 440 शाखाओं के माध्यम से 48,715.93 करोड़ रुपये की जमा राशि और 24,184.84 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। वर्तमान में ऋण-जमा अनुपात (Credit-to-Deposit Ratio) 49.64% है, जो आरबीआई के 60% के लक्ष्य से कम है।

विवरणआंकड़े (करोड़ रुपये में)
कुल जमा (Deposits)₹48,715.93
कुल ऋण (Advances)₹24,184.84
वार्षिक ऋण लक्ष्य₹18,532.26
प्राप्त लक्ष्य (अब तक)₹7,302.87
Did You Know?: साइबर धोखाधड़ी के शिकार होने पर, यदि मामला निर्धारित समय के भीतर दर्ज किया जाता है, तो आरबीआई नियमों के तहत 85% तक नुकसान की भरपाई संभव है।

Frequently Asked Questions

1. पीएम विद्या लक्ष्मी योजना क्या है?
यह योजना छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आसान और सुलभ ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

2. साइबर धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को सूचित करें।