बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) ने पीजी आवासों पर छापेमारी की, जिसमें एक्सपायर्ड दही, सिंथेटिक रंग और यहाँ तक कि खाने के साथ बेड बग स्प्रे जैसी खतरनाक लापरवाही मिली है। 64 में से 23 पीजी को नोटिस जारी किया गया है।
- बेंगलुरु के 64 पीजी आवासों की जांच की गई, जिनमें से 23 को नियमों के उल्लंघन के लिए नोटिस दिया गया।
- जांच के दौरान एक्सपायर्ड दही, बिसीबele bath पाउडर और सिंथेटिक फूड कलर जैसे सामान जब्त किए गए।
- बौम्मासंद्रा के एक पीजी में खाने की मेज पर बेड बग स्प्रे पाया गया, जिसके बाद डाइनिंग एरिया को सील कर दिया गया।
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने शुक्रवार को बेंगलुरु के विभिन्न पेइंग गेस्ट (PG) आवासों में व्यापक छापेमारी की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना था। जांच के दौरान जो स्थितियां सामने आईं, वे बेहद चौंकाने वाली और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
निरीक्षण दल ने भोजन बनाने के तरीकों, भंडारण (storage) की स्थिति, शेल्फ लाइफ और रसोई की स्वच्छता की गहन जांच की। FSDA कमिश्नर के कार्यालय के अनुसार, कई पीजी में एक्सपायर्ड दही, स्वास्तिक बिसीबele bath पाउडर, चावल का आटा, सिंथेटिक फूड कलर और काली मिर्च जैसे दूषित खाद्य पदार्थ उपयोग में पाए गए। इन सभी सामानों को कानून के प्रावधानों के तहत तुरंत जब्त कर लिया गया है।
बेड बग स्प्रे और असुरक्षित भोजन
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब बौम्मासंद्रा स्थित नंदना एलीट पीजी (Nandana Elite PG) में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डाइनिंग टेबल पर भोजन के साथ बेड बग रिपेलेंट (खटमल भगाने वाला स्प्रे) रखा हुआ पाया। इतना ही नहीं, पीने के पानी की सुविधा के पास गैर-खाद्य सामग्री का भंडारण भी किया जा रहा था। इन गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत उस डाइनिंग एरिया को सील कर दिया।
बेंगलुरु के पीजी में खाद्य सुरक्षा मानकों की इतनी बड़ी अनदेखी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
बोजोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में पीजी की बढ़ती संख्या के साथ, खाद्य सुरक्षा की निगरानी करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अक्सर मुनाफे के चक्कर में पीजी संचालक स्वास्थ्य मानकों को ताक पर रख देते हैं।
विभिन्न स्थानों पर जांच का दायरा
FSDA की यह जांच केवल पीजी तक सीमित नहीं रही। पिछले तीन हफ्तों में विभाग ने मुंबई जैसे शहरों की तर्ज पर पांच सितारा होटलों, प्रमुख क्लबों और बड़े रेस्तरां में भी जांच अभियान चलाया है। हाल ही में, डॉलर कॉलोनी स्थित चेयरमैन क्लब में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं, जहां 40 किलो एक्सपायर्ड मिर्च और ब्रेड क्रम्ब्स पर गलत लेबलिंग का मामला सामने आया।
हालांकि, इस जांच के दौरान कुछ सकारात्मक पहलू भी देखे गए। 3 सितंबर को विधान सौधा के कैबिनेट हॉल की रसोई की जांच की गई, जिसे पूरी तरह से स्वच्छ और व्यवस्थित पाया गया। वहां सभी खाद्य पदार्थों पर निर्माण और समाप्ति तिथि का स्पष्ट लेबल लगा हुआ था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में खाद्य सुरक्षा मानक (FSSAI) को सख्त बनाने की प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई है। शहरीकरण और प्रवासी आबादी के बढ़ने के कारण, पीजी और हॉस्टल जैसे अनौपचारिक खाद्य केंद्रों पर निगरानी बढ़ाना अब अनिवार्य हो गया है ताकि खाद्य जनित बीमारियों (foodborne illnesses) को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions
1. क्या बेंगलुरु में पीजी में रहने वाले लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं?
हाँ, यदि आपको भोजन की गुणवत्ता में कमी महसूस होती है, तो आप कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) में शिकायत कर सकते हैं।
2. छापेमारी के बाद विभाग क्या कार्रवाई करता है?
नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया जाता है, सामान जब्त किया जाता है और गंभीर मामलों में डाइनिंग एरिया या किचन को सील कर दिया जाता है।