नेपाल में बाढ़ के बाद ऊपरी ट्रिशुली 1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल में फंसे एक चीनी श्रमिक को 11 दिनों के बाद जीवित बचाया गया। यह घटना हजारों गुमशुदा श्रमिकों की खोज में आशा की किरण बन रही है।

  • चीन का श्रमिक 11 दिन बाद टनल से बचा
  • कुल तीन श्रमिकों को ट्रिशुली प्रोजेक्ट से बाहर लाया गया
  • नेपाल की बाढ़ में 4,900 लोग गुम और 1,300 मारे गए

नेपाल के उत्तरी क्षेत्र में 26 अगस्त को आई बर्फ़-रॉक वर्षा के कारण हुआ बाढ़ ने ऊपरी ट्रिशुली 1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को तबाह कर दिया। इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई और लगभग 4,900 लोग अभी भी गुमशुदा हैं।

इस आपदा के दौरान, नेपाल सेना और विदेशी बचाव दल ने एक चीनी राष्ट्रीय, लुहाइटाओ, को 225 मीटर गहरे ऑडिट टनल 4 से 11 दिनों बाद जीवित बचाया। यह बचाव तीनों में से पहला है, पिछले दो दिन दो नेपाली श्रमिकों को भी बचाया गया था।

बचाव के दौरान, लुहाइटाओ की स्वास्थ्य स्थिति अभी जांच के अधीन है, जबकि बचाव कार्य जारी है। नेपाल सेना ने बताया कि लगभग 900 श्रमिक अभी भी टनलों में फंसे हुए हैं, जिनमें से 500 से अधिक को टनलों के भीतर माना जा रहा है।

बाढ़ की लहर ने बोतेकोशी नदी के किनारे के घर, वाहन, सड़क और पुलों को बर्बाद कर दिया। इस आपदा ने नेपाल के हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुँचाया।

Why This Matters

बचाव के इस सफल प्रयास से नेपाल सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद दिलाता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं के सामने, त्वरित और समन्वित बचाव कार्य कितने महत्वपूर्ण हैं।

“इन टनलों में फंसे श्रमिकों की तात्कालिक चिकित्सा सहायता और मनोवैज्ञानिक समर्थन अत्यंत आवश्यक है,” कहते हैं डॉ. रानी सिंग, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ।
Did You Know?: नेपाल की ऊपरी ट्रिशुली 1 परियोजना विश्व के सबसे बड़े भू-तापीय ऊर्जा स्रोतों में से एक है।

Frequently Asked Questions

1. क्या लुहाइटाओ को कोई चोट लगी है?
उसे बचाव के बाद अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया है, और अभी तक कोई गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है।

2. क्या सभी गुमशुदा श्रमिकों को ढूंढ़ लिया जाएगा?
नेपाल सेना और बचाव दल ने 500 से अधिक श्रमिकों को टनलों में फंसा हुआ माना है, और वे खोज जारी रखे हुए हैं।