श्रीकाकुलम के रणस्थलम जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर अगले छह महीनों में बनकर तैयार हो सकता है। NHAI और जिला प्रशासन की सक्रियता से चेन्नई-कोलकाता मार्ग पर यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
- रणस्थलम फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अगले 6 महीनों में पूरा होने का लक्ष्य।
- NHAI इस 1.5 किमी लंबे प्रोजेक्ट पर ₹250 करोड़ खर्च कर रहा है।
- यह फ्लाईओवर NH-16 पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन पर बनाया जा रहा है।
- स्थानीय व्यापारियों और किसानों के सहयोग के बाद काम में तेजी आई है।
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। रणस्थलम जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के अगले छह महीनों में बनकर तैयार होने की संभावना है, जिससे श्रीकाकुलम और विशाखापत्तनम के बीच का सफर काफी आसान और बाधा मुक्त हो जाएगा।
NH-16, जो चेन्नई और कोलकाता को जोड़ता है, इस क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। रणस्थलम जंक्शन पर इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव बहुत अधिक रहता है। श्रीकाकुलम जिला कलेक्टर स्वप्निल दिनाकर पुंडकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक जीवन रेखा है। रणस्थलम जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन पर फ्लाईओवर न होने के कारण अक्सर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में भी वृद्धि होती थी।
इस परियोजना की लागत लगभग ₹250 करोड़ है, जिसमें 1.5 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। हाल ही में एत्चेर्ला के विधायक एन. ईश्वर राव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने निर्माण स्थल का दौरा किया और अधिकारियों से काम में तेजी लाने का आग्रह किया।
रणस्थलम के आसपास रहने वाले लगभग दो लाख लोगों को इस आधुनिक फ्लाईओवर मॉडल से सीधा लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि इस परियोजना में पहले कई बाधाएं आईं। स्थानीय व्यापारियों के विरोध और बाईपास रोड के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के कड़े रुख के कारण यह काम लगभग पांच वर्षों तक लटका रहा। हालांकि, अब एक बीच का रास्ता निकाला गया है—एक 'एलिवेटेड मॉडल फ्लाईओवर' का निर्माण किया जा रहा है। इससे फ्लाईओवर के नीचे स्थानीय लोगों का आवागमन भी सुचारू रूप से चलता रहेगा और ऊपर से मुख्य यातायात बिना किसी रुकावट के गुजरेगा।
वर्तमान में, स्थानीय व्यापारी और जनप्रतिनिधि इस विकास कार्य का समर्थन कर रहे हैं, जिससे काम की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
Frequently Asked Questions
1. रणस्थलम फ्लाईओवर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य NH-16 पर यातायात के दबाव को कम करना और श्रीकाकुलम-विशाखापत्तनम मार्ग पर ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना है।
2. इस परियोजना पर कुल कितना खर्च आ रहा है?
NHAI इस 1.5 किमी लंबे फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग ₹250 करोड़ खर्च कर रहा है।