तेलंगाना सरकार ने खरीफ सीजन के लिए ₹18,250 करोड़ के विशाल बजट के साथ धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली है। मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को भुगतान और खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
- कुल ₹18,250 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
- सरकार 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखती है।
- 8,283 धान खरीद केंद्र (PPCs) पूरे राज्य में खोले जाएंगे।
- सात चुनिंदा किस्मों के लिए ₹500 प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा।
हैदराबाद: तेलंगाना के सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में घोषणा की कि राज्य सरकार खरीफ (वनाकलम) धान खरीद के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने इस विशाल परिचालन के लिए ₹18,250 करोड़ का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है, जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
खरीद लक्ष्य और उत्पादन अनुमान
मंत्री रेड्डी के अनुसार, इस खरीफ सीजन में लगभग 57.7 लाख एकड़ भूमि पर खेती की जा रही है, जिससे 119.57 लाख टन धान उत्पादन का अनुमान है। सरकार ने कुल 65 लाख टन धान खरीदने की योजना बनाई है, जिसमें 45 लाख टन 'सन्ना' (बारीक) किस्में और 20 लाख टन 'डोड्डू' (सामान्य) किस्में शामिल हैं।
महत्वपूर्ण खरीद केंद्र और बुनियादी ढांचा
खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए राज्य भर में 8,283 धान खरीद केंद्र (PPCs) खोले जाएंगे। इसमें 3,180 IKP केंद्र, 4,372 PACS केंद्र और 731 अन्य केंद्र शामिल हैं। मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों को 1 अक्टूबर तक क्रियाशील कर दिया जाए, ताकि 15 अक्टूबर से शुरू होने वाली फसल की आवक को संभाला जा सके।
MSP और विशेष बोनस योजना
सरकार ने धान की कीमतों को लेकर स्पष्टता प्रदान की है। ग्रेड-ए किस्मों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,461 प्रति क्विंटल और सामान्य किस्मों के लिए ₹2,441 प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, सात पसंदीदा किस्मों—BPT-5204, RNR-15048, KNM-1638, Jaisriram, HMT-Sona, WGL-44 और KNM-7715—के लिए सरकार ₹500 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस प्रदान करेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने के लिए भी एक रणनीतिक निवेश है। विशेष किस्मों पर बोनस देना यह दर्शाता है कि सरकार वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप कृषि उत्पादन को दिशा दे रही है।
सरकार का ध्यान केवल खरीद पर ही नहीं, बल्कि किसानों को बाजार की मांग के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के लिए प्रोत्साहित करने पर भी है।
मंत्री ने परिवहन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी अधिकारियों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के पास पर्याप्त ट्रकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि खरीद केंद्रों से धान उठाने में कोई देरी न हो। वर्तमान में, सरकार 16.25 करोड़ जूट के बोरों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: धान की किन किस्मों पर ₹500 का बोनस मिलेगा?
उत्तर: BPT-5204, RNR-15048, KNM-1638, Jaisriram, HMT-Sona, WGL-44 और KNM-7715 किस्मों पर बोनस मिलेगा।
प्रश्न 2: खरीद केंद्र कब से शुरू होंगे?
उत्तर: सभी खरीद केंद्र 1 अक्टूबर तक खोलने का निर्देश दिया गया है, जबकि फसल की आवक 15 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है।