3 सितंबर, 1976 को 'द हिंदू' ने हैदराबाद में अपना नया संस्करण शुरू किया था। आधुनिक ऑफसेट तकनीक के साथ इस लॉन्च ने शहर में प्रिंटिंग क्रांति ला दी थी।
- 3 सितंबर, 1976 को हैदराबाद के बेगमपेट से 'द हिंदू' का नया संस्करण शुरू हुआ।
- शहर में पहली बार आधुनिक चार-रंग ऑफसेट प्रिंटिंग तकनीक पेश की गई।
- शुरुआती प्रिंट रन 29,000 प्रतियों का था, जो उस समय के हिसाब से काफी बड़ा था।
- फ्रांसीसी इंजीनियरों की मदद से अत्याधुनिक 'क्रेउसोट-लोयर' प्रेस स्थापित की गई।
3 सितंबर, 1976 का दिन हैदराबाद के मीडिया इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। इसी दिन, प्रतिष्ठित समाचार पत्र 'द हिंदू' ने बेगमपेट स्थित अपने नए कार्यालय से अपना हैदराबाद संस्करण प्रकाशित करना शुरू किया था। यह केवल एक नए संस्करण की शुरुआत नहीं थी, बल्कि हैदराबाद में एक तकनीकी क्रांति का उदय था, क्योंकि शहर ने पहली बार आधुनिक ऑफसेट प्रिंटिंग तकनीक का अनुभव किया था।
एक तकनीकी युग का परिवर्तन
उस दौर के अनुभवी कर्मचारी, जैसे 76 वर्षीय आर. शेखर, उस रात को आज भी ताजा महसूस करते हैं जब उन्होंने हैदराबाद में पहले संस्करण को प्रिंट करने के लिए काम किया था। उस समय, पारंपरिक रोटरी प्रेस की जगह आधुनिक चार-रंग ऑफसेट प्रिंटर ले रहे थे। शेखर याद करते हैं कि पहले संस्करण का प्रिंट रन 29,000 प्रतियां था। उस समय हैदराबाद की जनसंख्या को देखते हुए, यह संख्या शहर के एक बड़े और संपन्न वर्ग तक समाचार पहुँचाने के लिए पर्याप्त थी।
इस ऐतिहासिक विस्तार के लिए कार्यालय का चयन भी काफी दिलचस्प था। तत्कालीन संपादक जी. कस्तूरी ने खुद साइटों का निरीक्षण किया और अंततः बेगमपेट में जी. पुल्ला रेड्डी के स्वामित्व वाली जगह को चुना। कहा जाता है कि साइट का चयन करने के बाद वास्तु विशेषज्ञ बी.एन. रेड्डी ने इसे 'परफेक्ट वास्तु' घोषित किया था, जिसके बाद काम तेजी से शुरू हुआ।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि 'द हिंदू' का हैदराबाद में विस्तार केवल एक व्यावसायिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह तेलंगाना के बढ़ते औद्योगिक और वाणिज्यिक महत्व का प्रतीक था। तत्कालीन मुख्यमंत्री जलगम वेंगल राव ने भी उस समय कहा था कि यह परियोजना हैदराबाद के महान विकास का हिस्सा बनेगी। यह कदम शहर को एक आधुनिक महानगर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
तकनीकी नवाचार और स्थानीय संस्कृति का संगम ही 'द हिंदू' को हैदराबाद के जनमानस का हिस्सा बनाने में सफल रहा।
लॉन्च के दिन भारी बारिश ने उत्सव के उत्साह को कम नहीं किया। बेगमपेट कार्यालय के सामने पानी भर गया था, लेकिन टीम का जोश बरकरार था। इस नई प्रेस के लिए फ्रांस से Creusot-Loire कंपनी की अत्याधुनिक मशीन मंगवाई गई थी। एक फ्रांसीसी इंजीनियर को मशीन स्थापित करने के लिए बुलाया गया था, जिसकी सहायता के लिए उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक छात्र को अनुवादक के रूप में नियुक्त किया गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1958 तक, 'द हिंदू' हैदराबाद में केवल 'डाक संस्करण' (एक प्रारंभिक संस्करण) उपलब्ध कराता था। लेकिन वितरण और तकनीक की सीमाओं के कारण स्थानीय संस्करण की आवश्यकता महसूस की गई। 1976 का यह बदलाव संचार के क्षेत्र में एक बड़ा छलांग थी, जिसने पाठकों को अधिक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाचार प्रदान किए।
Frequently Asked Questions
1. 'द हिंदू' ने हैदराबाद में अपना कार्यालय कहाँ स्थापित किया था?
हैदराबाद में 'द हिंदू' का नया कार्यालय बेगमपेट पब्लिक रोड पर स्थित था।
2. हैदराबाद संस्करण के लिए कौन सी तकनीक का उपयोग किया गया था?
हैदराबाद संस्करण के लिए आधुनिक चार-रंग ऑफसेट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग किया गया था, जो उस समय के लिए क्रांतिकारी थी।