PMK विधानसभा फ्लोर लीडर सौम्या अंबुमानी ने पल्लिकरणई आर्द्रभूमि में चल रहे निर्माण कार्यों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कंक्रीट की दीवारें पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर सकती हैं और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा कर सकती हैं।
- पल्लिकरणई आर्द्रभूमि का पारिस्थितिकी तंत्र (मछली, पेड़, जलीय पौधे) खतरे में है।
- रिटेनिंग वॉल के निर्माण से आसपास के रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
- सौम्या अंबुमानी ने ₹21 करोड़ के वॉकवे निर्माण पर सवाल उठाए हैं।
- PMK अध्यक्ष अंबुमानी रामादॉस ने चेन्नई में बढ़ती अपराध दर और ATM चोरी पर चिंता जताई है।
तमिलनाडु की विधानसभा में PMK फ्लोर लीडर सौम्या अंबुमानी ने रविवार को पल्लिकरणई आर्द्रभूमि (Pallikaranai marshland) में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह निर्माण कार्य इस महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।
मीडिया कर्मियों से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि इस आर्द्रभूमि में मौजूद मछली, पेड़ और जलीय पौधों का पूरा चक्र खतरे में है। उन्होंने तर्क दिया कि पल्लिकरणई आर्द्रभूमि एक प्राकृतिक 'फ्लडवॉटर ड्रेनेज बेसिन' के रूप में कार्य करती है, जो पानी को संग्रहीत करती है और भूजल के पुनर्भरण (groundwater recharge) में मदद करती है।
पर्यावरण और सुरक्षा पर प्रभाव
सौम्या अंबुमानी ने तमिलनाडु सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि रिटेनिंग वॉल का निर्माण करना एक बड़ी भूल है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दीवार के कारण बाढ़ का पानी बाहर नहीं निकल पाएगा, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी भर जाएगा और भारी नुकसान होगा। इससे मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
आर्द्रभूमि का संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि शहरी बाढ़ से बचने के लिए भी अनिवार्य है।
बजट और बुनियादी ढांचे पर सवाल
उन्होंने ₹21 करोड़ के खर्च से बनाए जा रहे वॉकवे पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, यदि वॉकवे की आवश्यकता है, तो इसे आर्द्रभूमि के बाहर बनाया जाना चाहिए न कि इसके भीतर। उन्होंने सुझाव दिया कि सुरक्षा के लिए कंक्रीट की दीवार के बजाय एक साधारण बाड़ (fence) पर्याप्त होती।
BozokMedia विश्लेषण: शहरी विकास बनाम पर्यावरण
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि चेन्नई जैसे तेजी से बढ़ते महानगरों में शहरी बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक जल निकायों के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आर्द्रभूमि का अतिक्रमण न केवल जैव विविधता को खत्म करता है, बल्कि भविष्य में शहरी बाढ़ की आपदाओं को भी निमंत्रण देता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पल्लिकरणई आर्द्रभूमि चेन्नई के सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिक स्थलों में से एक है। यह एक महत्वपूर्ण प्रवासी पक्षी आवास और प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली है, जो दशकों से चेन्नई की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण रही है।
Frequently Asked Questions
1. पल्लिकरणई आर्द्रभूमि का क्या महत्व है?
यह बाढ़ के पानी को सोखने और भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करती है।
2. निर्माण कार्य से क्या खतरा है?
इससे पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो सकता है और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है।