दिल्ली के मंगोलपुरी में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आई हैं, जहाँ कई जीवित नागरिकों को मतदाता सूची से 'मृत' या 'स्थानांतरित' बताकर हटा दिया गया है।
- मंगोलपुरी के कई निवासियों को मतदाता सूची से 'मृत' (Dead) या 'अनुपस्थित' (Absent) बताकर हटा दिया गया है।
- नागरिकों ने दावा किया कि उन्होंने अपने फॉर्म जमा किए थे, फिर भी उनके नाम काट दिए गए।
- सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रक्रिया को 'जनविरोधी' और 'बहिष्कृत करने वाला' बताया है।
- मतदाता सूची में सुधार के लिए जन सुनवाई का आयोजन किया गया।
नई दिल्ली: दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया ने एक गंभीर प्रशासनिक संकट खड़ा कर दिया है। हाल ही में आयोजित एक 'जन सुनवाई' में कई ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए, जहाँ जीवित और सक्रिय मतदाता सूची से गायब पाए गए। सबसे विडंबनापूर्ण मामला 36 वर्षीय कांता प्रसाद का है, जिन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में 'मृत' घोषित कर दिया गया है।
कांता प्रसाद अपनी पहचान साबित करने के लिए अपना आधार कार्ड और वोटर आईडी लेकर मंगोलपुरी के ब्लॉक वाई में पहुंचे। रिकॉर्ड के अनुसार, उन्हें 'ASDD' (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) श्रेणी में डाल दिया गया है, जिसमें मृत्यु का कारण बताया गया है। कांता का कहना है कि उन्होंने कभी कोई ऐसा फॉर्म प्राप्त नहीं किया, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने अपने फॉर्म भर दिए थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि मतदाता सूची में इस तरह की त्रुटियां न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि हाशिए पर रहने वाले समुदायों को राजनीतिक रूप से अदृश्य बना देती हैं। यदि एक जीवित नागरिक को मृत मान लिया जाता है, तो यह चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
जांच में पाया गया कि केवल कांता ही नहीं, बल्कि कई अन्य निवासी भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। नीलम, जो 1980 से मंगोलपुरी में रह रही हैं, का नाम ड्राफ्ट रोल से गायब था, जबकि उन्होंने 2025 के चुनावों में मतदान भी किया था। इसी तरह, रिहाना नामक एक निवासी को 'अनुपस्थित' मार्क किया गया, जबकि उन्होंने अपने फॉर्म की फोटोकॉपी और बीएलओ (BLO) के हस्ताक्षर के साथ प्रमाण भी सुरक्षित रखा था।
मतदाता सूची में इस तरह की व्यापक त्रुटियां चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को गंभीर रूप से खतरे में डालती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और MKSS (मजदूर किसान शक्ति संगठन) के सदस्यों ने पाया कि कई मामलों में महिलाओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' या 'अनुपलब्ध' मार्क किया गया है, जबकि उसी पते पर रहने वाले उनके पतियों के नाम मतदाता सूची में बरकरार हैं। यह लिंग-आधारित विसंगति का एक स्पष्ट उदाहरण है।
Frequently Asked Questions
1. ASDD श्रेणी क्या है?
ASDD का अर्थ है Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित), Dead (मृत), और Duplicate (डुप्लिकेट)। यह उन मतदाताओं की श्रेणी है जिन्हें सूची से हटाया जा रहा है।
2. यदि मेरा नाम सूची से कट गया है तो मैं क्या करूँ?
आपको स्थानीय बीएलओ से संपर्क करना चाहिए या चुनाव आयोग द्वारा आयोजित जन सुनवाई में अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।
| शिकायत का प्रकार | प्रशासनिक कारण (ASDD) | वास्तविक स्थिति |
|---|---|---|
| जीवित नागरिक | मृत (Dead) | सक्रिय मतदाता |
| स्थानीय निवासी | स्थानांतरित (Shifted) | उसी पते पर रह रहे हैं |
| फॉर्म जमा करने वाले | अनुपस्थित (Absent) | फॉर्म जमा कर चुके हैं |