मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर बढ़कर 121.40 फीट हो गया है, जबकि वैगई बांध में भी पानी का स्तर दर्ज किया गया है। हाल ही में हुई भारी बारिश ने जलाशयों में पानी की आवक बढ़ा दी है।
- मुल्लापेरियार बांध का वर्तमान जलस्तर 121.40 फीट है।
- बांध की अधिकतम क्षमता 142 फीट है।
- थनियामंगलम में सर्वाधिक 85 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तमिलनाडु और केरल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बांध का जलस्तर अब 121.40 फीट पर पहुंच गया है, जो इसकी अधिकतम अनुमेय सीमा 142 फीट से काफी नीचे है। बांध में वर्तमान में 127 क्यूसेक की आवक हो रही है, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर 800 क्यूसेक पानी का विसर्जन (discharge) किया जा रहा है।
क्षेत्रीय जल निकायों की स्थिति
केवल मुल्लापेरियार ही नहीं, बल्कि वैगई बांध की स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। वैगई बांध में जलस्तर 38.98 फीट दर्ज किया गया है, जिसकी कुल क्षमता 71 फीट है। यहाँ 294 क्यूसेक की आवक के साथ 86 क्यूसेक का विसर्जन किया जा रहा है। पेरियार क्रेडिट में संयुक्त भंडारण वर्तमान में 3,719.52 mcft है।
भारी बारिश का प्रभाव
पिछले 24 घंटों के दौरान क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश थनियामंगलम में 85 मिमी दर्ज की गई, इसके बाद मेट्टुपट्टी में 62.6 मिमी और मेलूर में 50.2 मिमी बारिश हुई। अन्य क्षेत्रों जैसे पेरानाई, कल्लंडिरी और पुलिपट्टी में भी मध्यम स्तर की वर्षा हुई है, जिससे जलाशयों में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
भारी वर्षा के कारण बांधों के प्रबंधन और जल विसर्जन की निगरानी करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मुल्लापेरियार जैसे बांधों का जलस्तर न केवल कृषि और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी संवेदनशील है। अत्यधिक वर्षा के दौरान अचानक जल विसर्जन से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।
Frequently Asked Questions
1. मुल्लापेरियार बांध की अधिकतम क्षमता क्या है?
मुल्लापेरियार बांध की अधिकतम अनुमेय क्षमता 142 फीट है।
2. किस क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश हुई है?
हालिया आंकड़ों के अनुसार, थनियामंगलम में सबसे अधिक 85 मिमी बारिश दर्ज की गई है।