दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला हॉस्टल 'Hostel Daze' अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढहने से पहले जमीन में कंपन महसूस हुआ था और मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है।
- दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला 'Hostel Daze' इमारत ढह गई।
- प्रत्यक्षदर्शियों ने ढहने से ठीक पहले भूकंप जैसे कंपन की बात कही है।
- बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य और कमजोर नींव को हादसे का कारण माना जा रहा है।
- मलबे में 50 से 60 छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक भीषण हादसा हुआ। यहाँ स्थित पांच मंजिला छात्र आवास, जिसे स्थानीय रूप से 'Hostel Daze' के नाम से जाना जाता है, अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय निवासी मदद के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने से ठीक पहले उन्हें जमीन में हल्का कंपन महसूस हुआ था, जिसने उन्हें डरा दिया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, "हमें लगा जैसे भूकंप आया हो। हम तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।" घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने बिना किसी सरकारी मदद का इंतजार किए, अपने हाथों और उपलब्ध औजारों से मलबे को हटाना शुरू कर दिया ताकि फंसे हुए छात्रों को निकाला जा सके।
हादसे के पीछे क्या है कारण?
स्थानीय निवासी और पुलिस कर्मियों के अनुसार, इस भयावह हादसे के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, जहाँ पानी का जमाव भी देखा गया था। निवासियों का दावा है कि इमारत की नींव बेहद कमजोर थी।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली के इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में पुराने निर्माणों का व्यावसायिक उपयोग और उचित रखरखाव का अभाव एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। सत्य निकेतन जैसे इलाकों में आवासीय संपत्तियों को अवैध रूप से पीजी (Paying Guest) और हॉस्टल में बदल दिया गया है, जिससे संरचनात्मक सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
"अंधाधुंध शहरीकरण और पुराने ढांचों का बिना सुरक्षा जांच के व्यावसायिक उपयोग बड़े हादसों को निमंत्रण दे रहा है।"
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
यह हादसा दिल्ली के छात्र क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की पोल खोलता है। सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में घर अब पीजी के रूप में संचालित हो रहे हैं, जहाँ मकान मालिक अक्सर वहां नहीं रहते। इससे इमारतों की नियमित देखरेख और मरम्मत नहीं हो पाती।
हादसे के समय इमारत में लगभग 15 कमरे थे, जिनमें केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छात्र रहते थे। छात्र यहाँ मोटिलॉल नेहरू, एआरएसडी और श्री वेंकटेश्वर जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ते हैं। अनुमान है कि 50 से 60 छात्र मलबे के नीचे हो सकते हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सत्य निकेतन का क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास के सबसे प्रमुख छात्र आवास क्षेत्रों में से एक है। पिछले एक दशक में, यहाँ आवासीय घरों का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक पीजी में परिवर्तन हुआ है, जिससे बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर अत्यधिक दबाव पड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा रविवार दोपहर लगभग 1:34 बजे दिल्ली के सत्य निकेतन में 'Hostel Daze' नामक इमारत के ढहने से हुआ।
2. क्या बचाव कार्य जारी है?
हाँ, आठ दमकल गाड़ियों और कई बचाव दलों को मौके पर भेजा गया है और राहत कार्य जारी है।