तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण के लिए दो नए स्थानों की पहचान की है। सरकार ने इन स्थलों की व्यवहार्यता जांचने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से अनुरोध किया है।
- चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए सेय्यूर और मनल्लूर को संभावित स्थलों के रूप में चुना गया है।
- पूर्ववर्ती सरकार की परंदूर योजना को मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने रद्द कर दिया है।
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) जल्द ही इन स्थानों का तकनीकी सर्वेक्षण करेगा।
तमिलनाडु की वर्तमान सरकार ने चेन्नई की बढ़ती विमानन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने चेन्नई के लिए दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण हेतु दो प्रमुख स्थानों की पहचान की है और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से इन स्थलों की तकनीकी व्यवहार्यता (Feasibility Study) का आकलन करने का आग्रह किया है।
परंदूर योजना का अंत और नया मोड़
गौरतलब है कि पिछले प्रशासन के दौरान परंदूर हवाई अड्डा परियोजना प्रस्तावित थी, जिसका स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया था। 2025 में, தமிழக வெற்றி கழக (TVK) के नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री विजय ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री के सत्ता में आने के बाद, परंदूर परियोजना को आधिकारिक रूप से त्याग दिया गया और वैकल्पिक स्थानों की तलाश शुरू की गई।
संभावित स्थल और उनकी भौगोलिक स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने दो स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया है: पहला सेय्यूर (Cheyyur), जो चेंगलपट्टू जिले में स्थित है, और दूसरा मनल्लूर (Manallur), जो तिरुवल्लूर जिले के कुम्मिडीपुंडी के पास स्थित है।
| विशेषता | सेय्यूर (Cheyyur) | मनल्लूर (Manallur) |
|---|---|---|
| जिला | चेंगलपट्टू | तिरुवल्लूर |
| मुख्य दूरी | पुडुचेरी से 40 किमी | श्रीहरिकोटा से 35 किमी |
| मुख्य चुनौती | वायुसेना क्षेत्र (Air Force Control) | नियामक अनुमतियां (Regulatory Approvals) |
सेय्यूर स्थान वर्तमान चेन्नई हवाई अड्डे (मीनामबाक्कम) से लगभग 100 किमी दूर है। वहीं, मनल्लूर शहर से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चेन्नई की हवाई क्षमता में विस्तार न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि औद्योगिक गलियारों के लिए लॉजिस्टिक्स को भी सुगम बनाएगा। हालांकि, इन स्थलों का चयन चुनौतीपूर्ण है क्योंकि सेय्यूर क्षेत्र भारतीय वायुसेना के नियंत्रण वाले हवाई क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय की अनुमति आवश्यक होगी।
हवाई अड्डे का स्थान केवल दूरी पर नहीं, बल्कि वायुक्षेत्र की सुरक्षा और नियामक अनुमतियों की सुगमता पर निर्भर करता है।
अगले चरण में, AAI के अधिकारियों की एक टीम इन दोनों स्थलों का भौतिक निरीक्षण करेगी। इस सर्वेक्षण के परिणाम आने के बाद ही सरकार अंतिम निर्णय ले पाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिपोर्ट को आने वाले कुछ महीनों में प्रस्तुत किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions
1. चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए कौन से स्थान चुने गए हैं?
सरकार ने चेंगलपट्टू के सेय्यूर और तिरुवल्लूर के मनल्लूर को चुना है।
2. परंदूर हवाई अड्डा योजना को क्यों रद्द किया गया?
स्थानीय विरोध और मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में नई नीति के कारण परंदूर योजना को छोड़ दिया गया है।