आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती संगमम परियोजना के लिए ₹760 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत सखामुरु में राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय, अभिलेखागार और ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस का निर्माण किया जाएगा।
- अमरावती संगमम परियोजना के लिए ₹760 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
- सखामुरु में राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय, अभिलेखागार और ऑडिटोरियम का निर्माण होगा।
- परियोजना का वित्तपोषण तीन अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा साझा किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राजधानी अमरावती के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'अमरावती संगमम' परियोजना के लिए ₹760 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। सखामुरु में स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत आंध्र प्रदेश राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय, अभिलेखागार, एक भव्य ऑडिटोरियम और ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस (GIGG) का निर्माण किया जाएगा।
नगर प्रशासन और शहरी विकास (CRDA) विभाग के प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार द्वारा जारी सरकारी आदेश (G.O. Rt. No. 1115) के अनुसार, इस निर्माण कार्य को आइटम-रेट अनुबंध या EPC मोड-2 के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। यह निर्णय 27 अगस्त को आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) की बैठक में लिए गए संकल्प के बाद लिया गया है।
वित्तीय संरचना और सहयोग
इस विशाल परियोजना के लिए कुल ₹760 करोड़ का बोझ तीन प्रमुख सरकारी संस्थाओं के बीच विभाजित किया गया है। सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग ₹310 करोड़ का योगदान देगा, जबकि आंध्र प्रदेश मानव संसाधन विकास संस्थान ₹278 करोड़ की जिम्मेदारी संभालेगा। शेष ₹172 करोड़ की राशि APCRDA द्वारा वहन की जाएगी।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बहु-एजेंसी वित्तपोषण मॉडल का उद्देश्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय जोखिमों को कम करना और विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक विकास को बढ़ावा देना है। यदि भविष्य में लागत में वृद्धि होती है, तो उसे भी संबंधित एजेंसियों के बीच उनके लाभ के अनुपात में साझा किया जाएगा।
अमरावती का यह नया सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र राज्य की बौद्धिक पूंजी को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमरावती को आंध्र प्रदेश की भविष्य की राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना दशकों से चल रही है। भूमि पूलिंग योजनाओं और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से, सरकार इस क्षेत्र को एक वैश्विक प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। 'अमरावती संगमम' इसी व्यापक विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Why This Matters
यह परियोजना केवल इमारतों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह आंध्र प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक ढांचे को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है। एक अत्याधुनिक पुस्तकालय और शासन संस्थान (GIGG) की उपस्थिति से क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और सुशासन के नए द्वार खुलेंगे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अमरावती संगमम परियोजना कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह परियोजना आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के सखामुरु क्षेत्र में स्थित है।
प्रश्न 2: इस परियोजना के लिए कुल बजट कितना है?
उत्तर: इस परियोजना के लिए कुल ₹760 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।