दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक पीजी इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। इस मामले में अब दिल्ली उच्च न्यायालय जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा।
- सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत और कई घायल।
- 'होस्टल डेज़' नामक पीजी इमारत मरम्मत कार्य के दौरान ढही।
- इमारत मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज; दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दाखिल।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई दर्दनाक इमारत ढहने की घटना के संबंध में एक नई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने की सहमति जताई है। इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह घटना रविवार दोपहर लगभग 1:30 बजे हुई, जब दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित लड़कों के पीजी आवास, 'होस्टल डेज़' की इमारत अचानक गिर गई। बताया जा रहा है कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे संरचनात्मक कमजोरी और अधिक बढ़ गई।
राहत और बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमों ने मिलकर मलबे से लोगों को निकालने का प्रयास किया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना विश्वविद्यालय केंद्रों के पास किराए के आवासों के विनियमन में एक प्रणालीगत विफलता को दर्शाती है। पुरानी इमारतों में बिना अनुमति के अतिरिक्त मंजिलें बनाना छात्रों के लिए 'डेथ ट्रैप' जैसा हो गया है। जब 50 साल पुरानी इमारतों का पेशेवर ऑडिट किए बिना उनमें बदलाव किया जाता है, तो ऐसी आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है।
छात्र केंद्रों में पुरानी आवासीय संरचनाओं का ढहना शहरी विकास और नगर निगम सुरक्षा प्रवर्तन के बीच एक गंभीर अंतर को दर्शाता है।
कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है और इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125 (ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच मंजिलें थीं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सत्य निकेतन लंबे समय से दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के छात्रों का केंद्र रहा है। पिछले कुछ दशकों में, मुनाफे के लिए कई आवासीय संपत्तियों को उच्च-घनत्व वाले पीजी में बदल दिया गया, जिससे भवन नियमों और सुरक्षा कोड का उल्लंघन हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सत्य निकेतन हादसे के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?
इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रश्न 2: इमारत गिरने का मुख्य कारण क्या था?
आधिकारिक जांच जारी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर मरम्मत कार्य और इमारत की अत्यधिक आयु (50+ वर्ष) को मुख्य कारण माना जा रहा है।