जीरो कार्बन टेक 24 के संदीप शर्मा ने दिल्ली के प्रदूषण को एक दीर्घकालिक चुनौती बताते हुए स्वदेशी, फिल्टर-रहित और IoT-सक्षम उपकरणों का प्रस्ताव दिया है, जो वायु गुणवत्ता में भारी सुधार कर सकते हैं।

  • दिल्ली का प्रदूषण मौसमी नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक पर्यावरणीय चुनौती है।
  • STR 101 और DVR 101 जैसे स्वदेशी IoT-सक्षम उपकरणों का विकास।
  • PM2.5 और PM10 के स्तर में औसतन 40 से 45 प्रतिशत की कमी दर्ज।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण अब केवल सर्दियों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर और स्थायी पर्यावरणीय संकट बन चुका है। जीरो कार्बन टेक 24 प्राइवेट लिमिटेड के बिजनेस हेड संदीप शर्मा ने हाल ही में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि केवल अल्पकालिक उपायों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने वाहनों के उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण कार्यों और औद्योगिक धुएं को इस समस्या के मुख्य कारकों के रूप में चिन्हित किया है।

इस चुनौती से निपटने के लिए, शर्मा ने 'मेड इन इंडिया' तकनीक पर जोर देते हुए कई पेटेंटेड उपकरणों का प्रदर्शन किया। इनमें सबसे प्रमुख STR 101 (स्ट्रीटलाइट मॉडल) और DVR 101 (रोड डिवाइडर मॉडल) हैं। ये उपकरण न केवल आधुनिक हैं, बल्कि IoT-सक्षम भी हैं, जिससे इनकी निगरानी वास्तविक समय में की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, भारी उद्योगों जैसे सीमेंट, फार्मा, स्टील और एल्युमीनियम संयंत्रों के लिए Thor 101 औद्योगिक इकाई का प्रस्ताव दिया गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पारंपरिक एयर प्यूरीफायर के विपरीत, ये उपकरण 'फिल्टर-रहित' और 'सेल्फ-क्लीनिंग' हैं, जिसका अर्थ है कि इनमें रखरखाव का खर्च न के बराबर है। यह मॉडल बड़े पैमाने पर शहरी बुनियादी ढांचे में एकीकृत किया जा सकता है, जिससे सरकारी खर्च कम होगा और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

"प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमें ऐसे स्केलेबल समाधानों की आवश्यकता है जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के लाखों लीटर हवा को शुद्ध कर सकें।"

इन उपकरणों के प्रभाव का प्रमाण पहले ही मिल चुका है। दिल्ली के साथ-साथ ओडिशा और मेघालय में किए गए परीक्षणों के दौरान यह देखा गया कि PM2.5 और PM10 के स्तर में 40 से 45 प्रतिशत तक की औसत गिरावट आई है। ये उपकरण कम बिजली की खपत करते हैं और प्रति घंटे लाखों लीटर हवा को प्रोसेस करने की क्षमता रखते हैं।

मॉडलउपयोग क्षेत्रमुख्य विशेषता
STR 101स्ट्रीटलाइट्सशहरी वायु शुद्धिकरण
DVR 101रोड डिवाइडरसड़क की धूल नियंत्रण
Thor 101भारी उद्योगऔद्योगिक धुआं कैप्चरिंग
क्या आप जानते हैं?: IoT-सक्षम उपकरण न केवल हवा साफ करते हैं, बल्कि सेंसर के माध्यम से प्रदूषण के स्तर का सटीक डेटा भी प्रदान करते हैं, जिससे नीति निर्माताओं को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ये उपकरण बिजली की अधिक खपत करते हैं?
नहीं, ये लो-पावर डिवाइस हैं जिन्हें मौजूदा शहरी बुनियादी ढांचे (जैसे स्ट्रीटलाइट्स) के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है।

प्रश्न 2: फिल्टर-रहित तकनीक का क्या लाभ है?
फिल्टर-रहित होने के कारण इन उपकरणों को बार-बार बदलने या साफ करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे रखरखाव का खर्च समाप्त हो जाता है।