कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु में रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (RISM) का उद्घाटन किया और 'नारायण प्रज्ञानालय' की आधारशिला रखी। यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में RISM का उद्घाटन किया।
- 'नारायण प्रज्ञानालय' (ज्ञान का निवास) के लिए आधारशिला रखी गई।
- रामैया समूह द्वारा शिक्षा और कर्नाटक के विकास में योगदान की सराहना की गई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को बेंगलुरु के देवनहल्ली औद्योगिक क्षेत्र में रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (RISM) का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 'नारायण प्रज्ञानालय' (ज्ञान का निवास) के निर्माण हेतु आधारशिला भी रखी, जो क्षेत्र में शिक्षा के एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा।
इस महत्वपूर्ण समारोह में गोकुला एजुकेशन फाउंडेशन के चांसलर और गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. एम.आर. जयराम, फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. एम.आर. सीताराम और गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. एम.एम. पल्लम राजू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामैया समूह द्वारा राज्य की शिक्षा व्यवस्था और बेंगलुरु के समग्र विकास में दिए जा रहे योगदान की जमकर प्रशंसा की।
शिक्षा और नवाचार का संगम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि रामैया जैसे संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने वाले केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे पेशेवरों, उद्यमियों और भविष्य के नेताओं की पीढ़ियों को तैयार करने वाले इंजन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान एक 'ज्ञान-संचालित समाज' (knowledge-driven society) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रामैया समूह ने दशकों से कर्नाटक में उच्च शिक्षा के मानकों को स्थापित करने और नवाचार को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि देवनहल्ली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह के शैक्षणिक संस्थानों का विकास न केवल स्थानीय छात्रों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि यह बेंगलुरु के 'नॉलेज हब' के रूप में वैश्विक स्थिति को भी मजबूत करेगा। औद्योगिक क्षेत्रों के निकट शिक्षा केंद्रों की उपस्थिति उद्योग-अकादमिक अंतराल को कम करने में सहायक होती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
रामैया समूह का इतिहास कर्नाटक में शैक्षिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का रहा है। दशकों से, इस समूह ने तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में निवेश किया है, जिससे राज्य को कुशल मानव संसाधन प्राप्त करने में मदद मिली है।
Frequently Asked Questions
1. RISM का मुख्य उद्देश्य क्या है?
RISM का उद्देश्य विज्ञान और प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
2. नारायण प्रज्ञानालय क्या है?
यह एक आगामी शैक्षणिक परिसर है जिसे ज्ञान और अनुसंधान के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।