आंध्र प्रदेश के शिक्षा विभाग के आयुक्त ने मेगा DSC-2025 खेल कोटा चयन में अनियमितताओं के दावों को खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • शिक्षा विभाग ने खेल कोटा चयन में अनियमितता के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है।
  • जांच के दौरान यदि कोई फर्जी सर्टिफिकेट या अयोग्य उम्मीदवार पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।
  • जूडो प्रमाणपत्रों की प्रमाणिकता की वर्तमान में जांच की जा रही है।
  • TET योग्यता के नियमों को स्पष्ट किया गया, जिसमें शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान हैं।

विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश में मेगा DSC-2025 के तहत खेल कोटा के माध्यम से उम्मीदवारों के चयन को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त A. तमीम अनसारिया और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (SAAP) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक S. भरणी ने सोमवार को सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए अनियमितताओं के सभी आरोपों को निराधार बताया।

आयुक्त तमीम अनसारिया ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक मामले की जांच आधिकारिक रिकॉर्ड, लागू नियमों और संबंधित अधिकारियों से सत्यापन के आधार पर की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शिता बनाए रखना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर किसी वास्तविक और योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी नियुक्तियों में खेल कोटा एक संवेदनशील विषय है। यदि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी महसूस होती है, तो यह न केवल योग्य एथलीटों का मनोबल तोड़ती है बल्कि सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है।

अधिकारियों ने TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के संबंध में भी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कक्षा I से VIII के लिए TET अनिवार्य है, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कट-ऑफ अंक निर्धारित हैं। हालांकि, शारीरिक शिक्षा शिक्षक (Physical Education Teacher), स्कूल सहायक, फिजिकल डायरेक्टर, PGT और प्रिंसिपल के पदों के लिए अलग TET पात्रता नियम लागू नहीं होते हैं।

"हम केवल प्रमाणों के आधार पर निर्णय लेंगे; यदि कोई भी प्रमाण फर्जी पाया जाता है, तो परिणाम गंभीर होंगे।"

वहीं, SAAP की प्रबंध निदेशक एस. भरणी ने बताया कि खेल प्रमाणपत्रों से संबंधित शिकायतों की गहनता से जांच की जा रही है। विशेष रूप से, आंध्र प्रदेश स्टेट जूडो एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए कुछ जूडो प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच वर्तमान में चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी प्रमाणपत्रों का मूल्यांकन केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।

ऐतिहासिक रूप से, सरकारी भर्तियों में खेल कोटा का उपयोग प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आजीविका प्रदान करने के लिए किया जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सख्त सत्यापन प्रक्रियाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या खेल कोटा उम्मीदवारों के लिए TET अनिवार्य है?
उत्तर: शारीरिक शिक्षा शिक्षक और अन्य विशिष्ट पदों के लिए अलग TET योग्यता नियम लागू नहीं होते हैं, लेकिन अन्य शिक्षक पदों के लिए यह अनिवार्य है।

प्रश्न 2: क्या फर्जी सर्टिफिकेट पाए जाने पर कार्रवाई होगी?
उत्तर: हाँ, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Did You Know?: खेल कोटा के माध्यम से नियुक्तियां अक्सर उन एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण करियर विकल्प होती हैं जो उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के बाद स्थिरता की तलाश में होते हैं।