पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने 'सुरक्षा सभा' में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक सफलता का खुलासा किया। उन्होंने इसे 'तीन पी' (दंडात्मक, सटीक और आनुपातिक) के सिद्धांत पर आधारित बताया।

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  • ऑपरेशन सिंदूर को 'दंडात्मक, सटीक और आनुपातिक' (Three Ps) बताया गया।
  • जनरल नरवणे ने चीन को भारत का दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना।
  • सामाजिक एकता को सैन्य जीत से भी बड़ी उपलब्धि करार दिया।
  • भविष्य के युद्धों के लिए 'नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर' पर जोर दिया।

पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने आजतक की 'सुरक्षा सभा' में आयोजित 'ताकत वतन की' सत्र के दौरान भारतीय सैन्य रणनीति के एक नए युग का खाका खींचा। जनरल नरवणे, जिन्होंने गलवान घाटी जैसे चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया है, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया।

जनरल नरवणे के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर पिछले सैन्य अभियानों से मौलिक रूप से भिन्न था। जहाँ उड़ी और पुलवामा के बाद की कार्रवाइयाँ सीमा तक सीमित थीं, वहीं ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने इसे 'तीन पी' (3Ps) के सिद्धांत के रूप में परिभाषित किया: प्यूनिटिव (दंडात्मक), ताकि दुश्मन को सबक मिले; प्रिसाइज (सटीक), ताकि केवल आतंकी लक्ष्य ही प्रभावित हों; और प्रपोर्शनेट (आनुपातिक), ताकि संघर्ष का स्तर अनियंत्रित न हो जाए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि भारत की सैन्य नीति अब केवल रक्षात्मक नहीं रही, बल्कि यह एक सक्रिय और रणनीतिक प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति बन गई है। 'घुस-घुस कर मारने' की नीति ने न केवल आतंकवादियों में भय पैदा किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की संप्रभुता के प्रति अडिग इरादे को भी प्रदर्शित किया है।

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की रणनीतिक परिपक्वता और लक्ष्य-आधारित युद्ध क्षमता का प्रमाण था।

सैन्य रणनीति के साथ-साथ, जनरल ने सामाजिक एकता को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि पेलगाम जैसे आतंकी हमलों का असली उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना था, लेकिन भारतीय समाज की एकजुटता ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है जिसे दुश्मन तोड़ने की कोशिश करेंगे।

भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए, जनरल ने पाकिस्तान को एक अल्पकालिक खतरा और चीन को एक दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में चिन्हित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन के पास ड्रोन और साइबर क्षमताओं का विस्तार हो रहा है, जिससे निपटने के लिए भारत को नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर और तीव्र 'सेंसर-टू-शूटर लूप' विकसित करने की आवश्यकता है।

Did You Know?: जनरल नरवणे ने सैन्य रणनीति में 'OOODA' लूप (Observe, Orient, Decide, Act) के महत्व पर जोर दिया है, जो निर्णय लेने की गति को बढ़ाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ऑपरेशन सिंदूर की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर: इसकी मुख्य विशेषता इसका 'तीन पी' सिद्धांत था—यह दंडात्मक, सटीक और आनुपातिक था।

प्रश्न 2: जनरल नरवणे ने चीन के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने चीन को भारत का दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया और भविष्य के युद्धों के लिए तकनीकी तैयारी पर जोर दिया।