NH 66 के छह लेन में विस्तार के बाद, कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक की यात्रा का टोल ₹3,000 तक पहुंच सकता है। NHAI के नए अनुमानों ने मोटर चालकों की चिंता बढ़ा दी है।

  • कासरगोड से तिरुवनंतपुरम के एक तरफ के सफर का टोल ₹3,000 तक पहुंच सकता है।
  • कुल 13 टोल प्लाजा संचालित होने की संभावना है।
  • एलिवेटेड कॉरिडोर और सुरंगों वाले क्षेत्रों में टोल दरें 10 गुना तक अधिक हो सकती हैं।

केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 66 का चौड़ीकरण कार्य अपने अंतिम चरण में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में इस राजमार्ग को छह लेन में बदला जा रहा है। हालांकि, इस आधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने के लिए वाहन चालकों को अपनी जेबें काफी ढीली करनी पड़ेंगी। एक अनुमान के अनुसार, कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक की एक तरफ की यात्रा का टोल शुल्क लगभग ₹3,000 तक जा सकता है।

वर्तमान में, NH 66 पर पांच टोल प्लाजा सक्रिय हैं, जहाँ एक कार के लिए कुल टोल ₹585 है। इनमें कोलासेरी (कन्नूर), कुम्बलम (एर्नाकुलम), तिरुवल्लम (तिरुवनंतपुरम), वेत्तिचिरा (मलप्पुरम) और ओलावन्ना (कोझिकोड) शामिल हैं। लेकिन जैसे ही शेष छह टोल प्लाजा चालू होंगे, यह लागत नाटकीय रूप से बढ़ जाएगी।

टोल दरों में वृद्धि के मुख्य कारण

NHAI के सूत्रों के अनुसार, 2024 की दरों के आधार पर 11 टोल प्लाजा के चालू होने पर लागत ₹1,650 होगी। लेकिन, आगामी वित्तीय वर्ष में वार्षिक संशोधन (WPI के आधार पर) के कारण यह दरें और बढ़ेंगी। नए प्रोजेक्ट्स के लिए टोल वृद्धि 6.2% से 6.4% तक हो सकती है।

बुनियादी ढांचे की लागत और डिजाइन में बार-बार बदलावों ने निर्माण खर्च को बढ़ाया है, जिसका सीधा असर अब टोल दरों पर दिखेगा।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यदि टोल शुल्क ₹3,000 तक पहुंचता है, तो ईंधन और अन्य खर्चों को मिलाकर सड़क यात्रा की लागत हवाई किराए और प्रीमियम ट्रेन किराए के बराबर हो जाएगी। यह केरल के अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला परिवहन पैटर्न को पूरी तरह से बदल सकता है, जिससे लोग सड़क यात्रा के बजाय वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर सकते हैं।

टोल दरों का निर्धारण निर्माण पद्धति और लागत के आधार पर किया जाता है। विशेष रूप से, जहाँ एलिवेटेड कॉरिडोर, वायडक्ट और सुरंगें हैं, वहाँ सामान्य दर से 10 गुना अधिक शुल्क लिया जा सकता है। एरामल्लूर प्लाजा (अरूर-थुरवूर एलिवेटेड रोड) पर सबसे अधिक टोल लगने की संभावना है।

विवरण वर्तमान स्थिति भविष्य की संभावना (अनुमानित)
कुल टोल प्लाजा 5 13
एक तरफ का कुल टोल (LMV) ₹585 ~₹3,000
वार्षिक वृद्धि दर 3.4% - 4% 6.2% - 6.4%
क्या आप जानते हैं?: टोल प्लाजा आमतौर पर हर 60 किमी पर लगाए जाते हैं, लेकिन विशेष संरचनाओं (जैसे सुरंगों) की उपस्थिति में यह दूरी बदल सकती है।

Frequently Asked Questions

1. NH 66 पर सबसे महंगा टोल प्लाजा कौन सा होगा?
अनुमान है कि अरूर-थुरवूर एलिवेटेड रोड पर स्थित एरामल्लूर प्लाजा सबसे महंगा होगा।

2. टोल दरों में वृद्धि का आधार क्या है?
टोल दरों का वार्षिक संशोधन थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर किया जाता है।