पंजाब सरकार की 'मेरी रसोई' योजना के तहत राशन कार्ड सत्यापन के लिए 685 शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जिससे स्कूलों में आगामी परीक्षाओं के बीच विवाद खड़ा हो गया है।
- लुधियाना प्रशासन ने 'मेरी रसोई' योजना के लिए 685 शिक्षकों को तैनात किया है।
- शिक्षकों का तर्क है कि यह शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा 27 का उल्लंघन है।
- आगामी आंतरिक परीक्षाओं के कारण स्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
लुधियाना, पंजाब: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी 'मेरी रसोई' योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने राज्य के शिक्षा जगत में भारी रोष पैदा कर दिया है। लुधियाना जिला प्रशासन ने 685 सरकारी स्कूल शिक्षकों को नए राशन कार्डों के आवेदनों के सत्यापन के लिए तैनात किया है। एसडीएम (पूर्व) जसलीन कौर भुल्लर के आदेशानुसार, इन शिक्षकों को 'तत्काल राहत' देकर ड्यूटी पर लगाया गया है।
प्रशासन का तर्क है कि कर्मचारियों की भारी कमी के कारण शिक्षाविदों को इस कार्य में लगाया जाना अनिवार्य हो गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के फॉर्मों का सत्यापन करना एक संवेदनशील और तत्काल कार्य है। हालांकि, यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य के सरकारी स्कूलों में आंतरिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शिक्षकों का गैर-शैक्षणिक कार्यों में उपयोग न केवल शिक्षण की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि यह कानूनी विवादों को भी जन्म दे सकता है। जब शिक्षक कक्षाओं के बजाय प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त होते हैं, तो छात्रों का शैक्षणिक स्तर गिरता है, जो दीर्घकालिक रूप से राज्य की शिक्षा प्रणाली के लिए हानिकारक है।
शिक्षकों का कहना है कि यह सरकार द्वारा उन्हें दिया गया एक कड़वा 'शिक्षक दिवस उपहार' है।
शिक्षक संघों और प्रभावित शिक्षकों ने इस कदम को शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा 27 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। कानून के अनुसार, शिक्षकों को केवल जनगणना, आपदा राहत या चुनाव संबंधी कार्यों के अलावा किसी अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य के लिए तैनात नहीं किया जा सकता। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से ही बीएलओ (BLO), जनसंख्या गणना और नशा जनगणना जैसे कार्यों में व्यस्त हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा फरवरी में घोषित 'मेरी रसोई' योजना के तहत 40 लाख परिवारों को गेहूं के साथ चीनी, दाल, तेल और नमक जैसी आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जानी हैं। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन राशन कार्ड सत्यापन को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन इसके लिए शिक्षा व्यवस्था की बलि दी जा रही है।
Frequently Asked Questions
1. शिक्षकों को किस योजना के लिए ड्यूटी पर लगाया गया है?
शिक्षकों को पंजाब सरकार की 'मेरी रसोई' योजना के तहत राशन कार्ड सत्यापन के लिए तैनात किया गया है।
2. शिक्षक इस आदेश का विरोध क्यों कर रहे हैं?
शिक्षक विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह RTE अधिनियम का उल्लंघन है और इससे उनकी आगामी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होगी।