पुणे के सेवानिवृत्त C-DAC वैज्ञानिक संजय कदम, जिन्हें प्यार से 'तानाजी' कहा जाता था, का सातरा हिल हाफ मैराथन के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 65 वर्षीय कदम ने दौड़ के 17 किलोमीटर पूरे करने के बाद अपनी जान गंवाई।
- 65 वर्षीय सेवानिवृत्त C-DAC वैज्ञानिक संजय कदम का मैराथन के दौरान निधन।
- दौड़ के लगभग 17 किमी पूरे करने के बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ।
- सातरा हिल हाफ मैराथन के कठिन रास्तों और उच्च ऊंचाई ने शारीरिक तनाव बढ़ाया।
- तत्काल चिकित्सा सहायता और एंजियोप्लास्टी के बावजूद जान नहीं बच सकी।
पुणे के एक प्रतिष्ठित और सेवानिवृत्त C-DAC वैज्ञानिक संजय कदम, जिन्हें उनके परिवार और मित्र प्यार से 'तानाजी' बुलाते थे, का रविवार को एक दुखद हादसे में निधन हो गया। 65 वर्षीय कदम सातरा हिल हाफ मैराथन में भाग ले रहे थे, जब दौड़ के लगभग 17 किलोमीटर पूरे करने के बाद उन्हें अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा।
घटना के समय सातरा रनर्स फाउंडेशन द्वारा तैनात मेडिकल टीम तुरंत हरकत में आई। डॉ. प्रताप गोले के अनुसार, मौके पर मौजूद फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट ने तुरंत CPR शुरू किया और उन्हें जल्द से जल्द पल्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉ. कौशिक पाटिल के नेतृत्व में एक टीम ने उनकी जांच की, जिसमें पाया गया कि उनकी मुख्य धमनी (main artery) अवरुद्ध थी, जिसके बाद तत्काल एंजियोप्लास्टी की गई। हालांकि, दोपहर के शुरुआती घंटों में एक और बड़े कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident highlights the critical intersection of passion for fitness and underlying medical vulnerabilities in senior citizens. While running is beneficial, the extreme physical exertion of a 'hill marathon'—which involves significant elevation changes—can place immense strain on a heart already compromised by hypertension, as was the case with Mr. Kadam.
"High-intensity endurance events in older adults require rigorous cardiac screening, especially when the course involves steep inclines that spike heart rates rapidly."
संजय कदम के परिवार ने उन्हें एक अत्यंत दयालु और स्नेही व्यक्ति के रूप में याद किया। उनके चचेरे भाई अनिल कदम ने बताया कि संजय को दौड़ने का जुनून था और यह उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी थी। परिवार ने उन्हें उम्र के कारण थोड़ा धीमा होने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी सक्रियता और फिटनेस के प्रति समर्पण अंत तक बना रहा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सातरा हिल हाफ मैराथन
सातरा हिल हाफ मैराथन की शुरुआत 2012 में हुई थी। यह एक चुनौतीपूर्ण 21.1 किमी की दौड़ है जो सातरा शहर (समुद्र तल से 650 मीटर की ऊंचाई) से शुरू होकर कास पठार की ओर ऊपर जाती है और फिर वापस शहर लौटती है। इस साल के 15वें संस्करण में 8,800 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| दूरी | 21.1 किलोमीटर (हाफ मैराथन) |
| भूभाग (Terrain) | पहला आधा हिस्सा चढ़ाई, दूसरा आधा ढलान |
| शुरुआत वर्ष | 2012 |
| प्रतिभागी (2026) | 8,800+ धावक |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: संजय कदम की मृत्यु का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: उन्हें उच्च रक्तचाप (hypertension) था और दौड़ के दौरान गंभीर कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके कारण मुख्य धमनी अवरुद्ध हो गई थी।
प्रश्न 2: सातरा हिल हाफ मैराथन अन्य मैराथनों से कैसे अलग है?
उत्तर: यह एक 'हिल मैराथन' है, जिसमें धावकों को कास पठार की ओर कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, जो इसे शारीरिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण बनाता है।