दिल्ली के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में एक 50 साल पुरानी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग ढहने से छह लोगों की जान चली गई है। बचाव कार्य जारी है और 11 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
- दिल्ली के सत्य निकेतन में 50 साल पुरानी इमारत ढही।
- हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 को बचाया गया।
- मलबे में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
- इमारत में लड़कों का पीजी (PG) संचालित किया जा रहा था।
देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण दिल्ली स्थित सत्य निकेतन इलाके में एक भीषण हादसा हुआ है। साउथ कैंपस के पास स्थित एक 50 साल पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। इस दुखद घटना में अब तक छह लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे से 11 अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब इमारत के भीतर छात्र और अन्य निवासी मौजूद थे। यह इमारत एक लड़कों के पीजी (Paying Guest) के रूप में उपयोग की जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में पुरानी और जर्जर इमारतों का रखरखाव एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है। सत्य निकेतन जैसे छात्र प्रधान क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से पुरानी इमारतों को पीजी में बदलना जानलेवा साबित हो रहा है।
पुरानी संरचनाओं का नियमित ऑडिट न होना और क्षमता से अधिक भार डालना ही ऐसे हादसों का मुख्य कारण है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इमारत की संरचनात्मक स्थिति काफी कमजोर थी। 50 साल पुरानी होने के कारण कंक्रीट और लोहे के बीच का तालमेल खत्म हो चुका था। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इमारत के मालिक ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया था या क्या यह प्राकृतिक कारणों से हुआ।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली के साउथ कैंपस और सत्य निकेतन जैसे इलाके दशकों से छात्रों के केंद्र रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, यहाँ किराये के आवासों (PGs) की मांग में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण पुरानी आवासीय इमारतों को व्यावसायिक रूप से उपयोग में लाया जा रहा है, जो अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं।
Frequently Asked Questions
1. हादसा कहाँ हुआ है?
यह हादसा दिल्ली के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ है।
2. क्या और भी लोग मलबे में दबे हो सकते हैं?
बचाव दल अभी भी मलबे की जांच कर रहा है, इसलिए अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।