तमिलनाडु सरकार ने वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की है, जिसमें स्कूलों को 'ब्लू-ग्रीन कैंपस' में बदला जाएगा।

  • वन क्षेत्र कार्यबल के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹100.72 करोड़ का प्रावधान।
  • वन अग्नि प्रबंधन के लिए ₹60.58 करोड़ की विशेष योजना।
  • 200 स्कूलों और 5 कॉलेजों को 'ब्लू-ग्रीन कैंपस' में बदला जाएगा।
  • शहरी जैव विविधता के लिए 24 नगर निगमों में इंडेक्स विकसित किया जाएगा।

तमिलनाडु विधानसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए, वन मंत्री आर.वी. रंजीत कुमार ने राज्य के पारिस्थितिक तंत्र को सुरक्षित करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पेश की है। सरकार ने वन क्षेत्र कार्यबल के पुनरोद्धार के लिए ₹100.72 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है, जो अगले पांच वर्षों में लागू की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है।

बढ़ती वन अग्नि की घटनाओं को देखते हुए, मंत्री ने ₹60.58 करोड़ के 'वन अग्नि प्रबंधन योजना' का भी प्रस्ताव रखा है। यह पहल न केवल आग लगने की घटनाओं को रोकने में मदद करेगी, बल्कि आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और शमन उपायों को भी सुनिश्चित करेगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए ₹10 करोड़ की लागत से 25 'नेचर पार्क' स्थापित किए जाएंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु का यह कदम केवल वित्तीय निवेश नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दौर में एक रणनीतिक रक्षा कवच है। वन कर्मियों का सुदृढ़ीकरण और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (जैसे मोबाइल वन्यजीव फोरेंसिक लैब) की स्थापना से राज्य की जैव विविधता की सुरक्षा में एक नया युग शुरू होगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, इसके लिए मजबूत जमीनी कार्यबल और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता होती है।

शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए, पर्यावरण मंत्री वी.के. राजीव ने घोषणा की कि हर साल 200 सरकारी स्कूलों और 5 कॉलेजों को 'ब्लू-ग्रीन कैंपस' में परिवर्तित किया जाएगा। इस पहल के लिए ₹53.75 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य छात्रों को जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील बनाना है।

शहरी क्षेत्रों के लिए, राज्य के सभी 24 नगर निगमों में एक 'सिटी बायोडायवर्सिटी इंडेक्स' विकसित किया जाएगा। साथ ही, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 80 नए सेंसर-आधारित स्टेशन स्थापित करेगा। पचि्वरम में पारिस्थितिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹2 करोड़ की लागत से सौर/इलेक्ट्रिक नावें भी पेश की जाएंगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु ऐतिहासिक रूप से अपनी समृद्ध जैव विविधता और विविध पारिस्थितिक तंत्र के लिए जाना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण वन क्षेत्रों और वन्यजीवों पर दबाव बढ़ा है, जिससे सरकार को अब इस तरह के व्यापक निवेश की आवश्यकता पड़ी है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'ब्लू-ग्रीन कैंपस' पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करना और शैक्षणिक संस्थानों में हरित और जल-संरक्षण वातावरण बनाना है।

प्रश्न 2: वन अग्नि प्रबंधन के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है?
उत्तर: सरकार ने पांच वर्षों के लिए ₹60.58 करोड़ की राशि आवंटित की है।