AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना विधानसभा में महिला विधायकों के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है।

  • अकबरुद्दीन ओवैसी ने महिला विधायकों के बाल खींचने और साड़ी पर पैर रखने के आरोपों पर कड़ी निंदा की।
  • विधानसभा ने स्पीकर के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले BRS MLCs के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया।
  • महिला सदस्यों की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से टी-शर्ट उतारने के कृत्य को 'मर्यादा का उल्लंघन' बताया गया।

तेलंगाना विधानसभा में मर्यादा और सम्मान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIMIM के फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने BRS विधायकों सबीता इंदिरा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी के साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। ओवैसी ने सदन में आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने न केवल महिला विधायकों के साथ बदसलूकी की, बल्कि उनके बाल खींचे और उनकी साड़ी पर पैर रखा।

हैदराबाद में विधानसभा सत्र के दौरान ओवैसी ने कहा कि एक महिला की गरिमा सर्वोपरि होती है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से हो। उन्होंने तर्क दिया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है और यह पूरे राज्य के सम्मान का प्रश्न है। उन्होंने स्पीकर से माँग की कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट माँगी जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक सुरक्षा चूक नहीं है, बल्कि यह सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का परिणाम है। जब लोकतांत्रिक संस्थाओं के भीतर शारीरिक हिंसा और अभद्र व्यवहार होता है, तो यह न केवल सदन की गरिमा को कम करता है, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं पर भी सवाल खड़े करता है।

विधायी निकाय के भीतर राजनीतिक संघर्ष और लैंगिक हिंसा का मिलन संस्थागत प्रोटोकॉल की गंभीर विफलता को दर्शाता है।

इसी बीच, सदन ने BRS MLCs टाटा मधुसूदन और एन नवीन कुमार रेड्डी के व्यवहार की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इन सदस्यों पर स्पीकर गद्दाम प्रसाद कुमार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ करने और महिलाओं की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से अपनी टी-शर्ट उतारने का आरोप है। सदन ने इस कृत्य को 'अत्यंत आपत्तिजनक' और महिलाओं की लज्जा का अपमान बताया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कोई भी राजनीतिक मतभेद या व्यक्तिगत शिकायत सदन के पीठासीन अधिकारी की गरिमा को कम करने का आधार नहीं हो सकती। प्रस्ताव में यह भी माँग की गई है कि BRS अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव अपने सदस्यों के इस आचरण की जिम्मेदारी लें और स्पीकर से बिना शर्त माफी माँगें।

विवाद तब और गहरा गया जब मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने स्पीकर के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की, जबकि ओवैसी ने महिला विधायकों के साथ हुई बदसलूकी को प्राथमिकता देते हुए न्याय की माँग की।

क्या आप जानते हैं?: विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का पद तटस्थता का होता है, और उनके प्रति किसी भी प्रकार का अपमान 'संसदीय विशेषाधिकार' का उल्लंघन माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: किन महिला विधायकों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है?
BRS पार्टी की विधायक सबीता इंदिरा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है।

p>प्रश्न 2: अकबरुद्दीन ओवैसी ने क्या माँग की है?
उन्होंने इस मामले की पूरी जाँच करने और दोषी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की है।