दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद 27 घंटे तक चले राहत कार्य के बाद NDRF ने ऑपरेशन पूरा किया। इस रिपोर्ट में जानिए NDRF की कार्यप्रणाली और बचाव तकनीकों के बारे में विस्तार से।

  • सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत की खबर।
  • NDRF ने 27 घंटे तक चले 'कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू' (CSSR) ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • NDRF की टीमें घटना स्थल पर 30 मिनट के भीतर पहुंचने के लिए तैयार रहती हैं।

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत ढहने से भारी तबाही हुई। इस दुखद घटना में अब तक कम से कम सात लोगों के मारे जाने की सूचना है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित यह इमारत 1990 के दशक की है और इसमें एक निजी हॉस्टल संचालित होता था, जहाँ कई छात्र रहते थे।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर एक व्यापक बचाव अभियान चलाया। 27 घंटे तक चले इस कठिन ऑपरेशन के बाद राहत कार्य समाप्त हुआ। NDRF के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं को 'कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू' (CSSR) की श्रेणी में रखा जाता है, जिसका उद्देश्य मलबे के बीच फंसे लोगों को कम से कम समय में सुरक्षित बाहर निकालना होता है।

NDRF की कार्यप्रणाली और तकनीक

NDRF की कार्यप्रणाली अत्यंत व्यवस्थित है। जैसे ही किसी आपदा की सूचना मिलती है, NDRF की 'ऑन व्हील' टीमें 30 मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना हो जाती हैं। सत्य निकेतन जैसे मामलों में, NDRF के विशेषज्ञ पहले खतरे का आकलन (Hazard Assessment) करते हैं। इसमें गैस रिसाव, बिजली के खुले तार और मलबे की अस्थिरता जैसे जोखिमों की जांच की जाती है।

बचाव कार्य के दौरान, स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की मदद ली जाती है जो 'स्ट्रक्चरल ट्राइएज' करते हैं। इसका अर्थ है यह सुनिश्चित करना कि बचावकर्मियों के प्रवेश करने से पहले मलबे का ढांचा स्थिर हो जाए। यदि इमारत के गिरने का खतरा बना रहता है, तो पहले 'शोरिंग' (Shoring) यानी संरचना को सहारा देने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

NDRF के पूर्व महानिदेशक अतुल करवाल के अनुसार, 'हम औपचारिक आदेश का इंतजार नहीं करते; हम सक्रिय रूप से स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करते हैं क्योंकि शुरुआती मिनट जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।'

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों के कारण इस तरह की संरचनात्मक विफलताएं (Structural Failures) एक गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। सत्य निकेतन की घटना केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह पुराने ढांचों के रखरखाव और शहरी नियोजन की कमियों को भी उजागर करती है।

Did You Know?: NDRF की स्थापना 2006 में की गई थी और यह गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है, जिसमें वर्तमान में 16 बटालियनें शामिल हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: NDRF किस प्रकार की आपदाओं के लिए प्रशिक्षित है?
उत्तर: NDRF प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों तरह की आपदाओं, जैसे भूकंप, बाढ़, इमारत का गिरना और रासायनिक रिसाव के लिए विशेषज्ञ है।

प्रश्न 2: CSSR का क्या अर्थ है?
उत्तर: CSSR का अर्थ है 'कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू', जो मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने और निकालने की एक विशेष प्रक्रिया है।