नवीनतम PISA रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड के छात्रों ने गणित, विज्ञान और पढ़ने के कौशल में यूके के अन्य देशों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर किशोरों की पढ़ने की क्षमता में गिरावट और AI के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई है।
- इंग्लैंड ने PISA रैंकिंग में स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड से बेहतर प्रदर्शन किया।
- वैश्विक स्तर पर किशोरों के पढ़ने के कौशल में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- 'हस्टी रीडर्स' (जल्दबाजी में पढ़ने वाले) की संख्या 2018 से 2025 के बीच लगभग दोगुनी हो गई है।
- OECD ने शिक्षा में AI के अनियंत्रित उपयोग को 'बिना परीक्षण वाली वैक्सीन' के समान बताया है।
Organisation for Economic Cooperation and Development (OECD) द्वारा आयोजित Programme for International Student Assessment (Pisa) के नवीनतम परिणामों ने यूनाइटेड किंगडम के भीतर शिक्षा के स्तर में एक स्पष्ट विभाजन को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड के छात्रों ने पढ़ने, विज्ञान और गणित के सभी क्षेत्रों में स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
यह परीक्षण दुनिया भर के 91 देशों के लगभग 7,60,000 किशोरों के नमूने पर आधारित था, जिसमें यूके के 515 स्कूलों से 15,566 छात्रों ने भाग लिया। इंग्लैंड की सफलता को वहां के विशिष्ट पाठ्यक्रम और हालिया शैक्षिक सुधारों से जोड़ा जा रहा है। इंग्लैंड की स्कूल मंत्री जॉर्जिया गोल्ड ने कहा कि सरकार इस सकारात्मक परिणाम को आधार बनाकर साक्षरता और संख्यात्मकता को और मजबूत करना चाहती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the divergence in results across the UK home nations reflects the impact of devolved education policies. While England's centralized approach is yielding higher quantitative scores, the global decline in critical reading skills suggests a systemic crisis that transcends borders. The rise of 'cognitive off-loading' due to AI is no longer a theoretical risk but a measurable reality affecting how the next generation processes information.
"पढ़ना सभी कौशलों की जननी है, और जटिल ग्रंथों को पढ़ने की क्षमता में पिछले दशक में दो स्कूली वर्षों के बराबर गिरावट आना एक गंभीर चिंता का विषय है।" - एंड्रियास श्लाइचर, OECD शिक्षा निदेशक।
रिपोर्ट में एक खतरनाक प्रवृत्ति 'हस्टी रीडर्स' (Hasty Readers) की पहचान की गई है—ऐसे छात्र जो बिना गहराई से समझे जल्दी-जल्दी पढ़ते हैं और गलत उत्तर देते हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से समृद्ध परिवारों के बच्चों में अधिक देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो रही है।
इस चुनौती से निपटने के लिए, कोवेंट्री के मीडो पार्क जैसे स्कूलों ने अभिनव तरीके अपनाए हैं। स्कूल ने मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया है और साप्ताहिक बुक क्लब शुरू किए हैं। हेडटीचर बर्नाडेट पेटमैन का तर्क है कि डिजिटल युग में फोन उठाना किताब उठाने से आसान है, इसलिए छात्रों में पढ़ने के प्रति डर को खत्म करना आवश्यक है।
AI के उपयोग पर OECD ने चेतावनी दी है कि बिना किसी प्रमाण के इसका तेजी से प्रसार शिक्षा प्रणाली के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यूके में हालांकि कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने स्कूल के काम के लिए AI का उपयोग नहीं किया है, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह 'संज्ञानात्मक ऑफ-लोडिंग' (cognitive off-loading) को बढ़ावा दे रहा है।
| क्षेत्र/देश | इंग्लैंड | स्कॉटलैंड/वेल्स/उत्तरी आयरलैंड |
|---|---|---|
| PISA रैंकिंग | उच्च (अग्रणी) | तुलनात्मक रूप से कम |
| पाठ्यक्रम प्रभाव | केंद्रीकृत सुधार | विविध/स्थानीय नीतियां |
| प्रमुख चिंताएं | AI का प्रभाव | पढ़ने और गणित के मानकों में सुधार |
Frequently Asked Questions
1. PISA परीक्षण क्या हैं?
यह OECD द्वारा हर तीन साल में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन है जो 15 वर्षीय छात्रों की पढ़ने, गणित और विज्ञान में क्षमता को मापता है।
2. 'संज्ञानात्मक ऑफ-लोडिंग' (Cognitive Off-loading) क्या है?
यह वह प्रक्रिया है जिसमें छात्र जानकारी खोजने या समस्या सुलझाने के लिए अपनी मानसिक क्षमता के बजाय AI या डिजिटल उपकरणों पर अत्यधिक निर्भर हो जाते हैं।