सूरत के सरोली इलाके में स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में बुधवार तड़के भीषण आग लग गई। दमकल विभाग की 15 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया, गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।

  • सूरत के सरोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगी आग।
  • आग बुझाने के लिए 15 दमकल गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैनात किए गए।
  • भारी मात्रा में कपड़ा स्टॉक और डबल-हाइट फ्लोर के कारण बचाव कार्य में आई चुनौतियां।

गुजरात के सूरत शहर के सरोली इलाके में बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की ऊपरी मंजिलों पर भीषण आग लग गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारिख के अनुसार, कंट्रोल रूम को रात करीब 12:52 बजे पहली सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद तीन अलग-अलग स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।

जब दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि चौथी और पांचवीं मंजिल पूरी तरह से लपटों की चपेट में थीं। घना काला धुआं इतना अधिक था कि दृश्यता (visibility) लगभग शून्य हो गई थी, जिससे बचाव दल को अंदर जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे 'मेजर फायर कॉल' घोषित किया गया और अतिरिक्त संसाधनों को बुलाया गया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सूरत जैसे कपड़ा हब में इस तरह की घटनाएं बुनियादी ढांचे और अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। टेक्सटाइल मार्केट में ज्वलनशील कपड़ों का भारी स्टॉक और संकरे गलियारे आग को तेजी से फैलाने में मदद करते हैं, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि जान-माल का जोखिम भी बढ़ जाता है।

अग्निशमन विभाग ने बताया कि मार्केट की मंजिलें 'डबल-हाइट' थीं, जिसका अर्थ है कि चौथी और पांचवीं मंजिल वास्तव में 30 मीटर की ऊंचाई पर थीं। इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए टर्नटेबल लैडर और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया। साथ ही, दमकलकर्मी ब्रीदिंग अपरेटस सेट का उपयोग कर धुएं के बीच ऑपरेशन चला रहे थे।

"कपड़ा बाजारों में स्टॉक का गलियारों में जमा होना अग्नि सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है, जो न केवल आग फैलाता है बल्कि निकासी मार्गों को भी बाधित करता है।"

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गलियारों में रखे कपड़ों के ढेर ने आग को ईंधन दिया। सुरक्षा की दृष्टि से पूरी इमारत की बिजली आपूर्ति काट दी गई थी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति इमारत के अंदर फंसा हुआ नहीं था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

क्या आप जानते हैं?: सूरत को 'सिल्क सिटी' कहा जाता है और यह भारत के सबसे बड़े कपड़ा बाजारों में से एक है, जहाँ हजारों करोड़ का व्यापार होता है।

बचाव कार्य की चुनौतियां

कारकप्रभाव
मंजिल की ऊंचाई30 मीटर (डबल-हाइट फ्लोर)
दृश्यताघने धुएं के कारण शून्य के करीब
स्टॉक की स्थितिगलियारों में रखा ज्वलनशील कपड़ा

Frequently Asked Questions

1. क्या इस आगजनी में कोई जनहानि हुई?
नहीं, आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार कोई भी व्यक्ति इमारत में फंसा नहीं था और कोई हताहत नहीं हुआ है।

2. आग बुझाने के लिए किन उपकरणों का उपयोग किया गया?
15 दमकल गाड़ियां, टर्नटेबल लैडर, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और ब्रीदिंग अपरेटस सेट का उपयोग किया गया।